World Earth Day 2021 : जानें इस बार का थीम और इसे मनाने का उद्देश्य

नई दिल्ली. ग्रह ग्रह पर लहराता सागर,
ग्रह ग्रह पर धरती है उर्वर,
ग्रह ग्रह पर बिछती हरियाली,
ग्रह ग्रह पर तनता है अम्बर,
ग्रह ग्रह पर बादल छाते हैं,
ग्रह ग्रह पर वर्षा होती है.
सब ग्रह गाते, पृथ्वी रोती.
पृथ्वी पर भी नीला सागर,
पृथ्वी पर भी धरती उर्वर,
पृथ्वी पर भी शस्य उपजता,
पृथ्वी पर भी श्यामल अंबर,
किंतु यहां ये करण रण के देख धरणि यह धीरज खोती.
सब ग्रह गाते, पृथ्वी रोती.
सूर्य निकलता, पृथ्वी हंसती,
चांद निकलता, वह मुसकाती,
चिड़ियां गाती सांझ सकारे,
यह पृथ्वी कितना सुख पाती,
अगर न इसके वक्षस्थल पर यह दूषित मानवता होती.
सब ग्रह गाते, पृथ्वी रोती.

हिंदी साहित्य के मशहूर कवि और लेखक हरिवंशराय बच्चन की कविता “सब ग्रह गाते, पृथ्वी रोती” हमारी आज की पृथ्वी की स्थिति को शत प्रतिशत बयां करती है. 22 अप्रैल को मनाए जा रहे पृथ्वी दिवस के मौके पर इस कविता को याद करना बेहद जरूरी है क्योंकि ये कविता पृथ्वी की असल खूबसूरती को निखारती है. ये उस पृथ्वी का वर्णन करती है जिसे आज के युग में हम काफी पीछे छोड़ आए हैं.

हर साल 22 अप्रैल को विश्वभर में पृथ्वी दिवय या World Earth Day मनाया जाता है. इसे मनाने की शुरुआत 1970 में हुई थी. इस मनाने के पीछे मुख्य उद्देश्य है कि लोगों के बीच पृथ्वी पर रहने वाले जीव जंतुओं, पेड़ पौधों, दुनिया भर में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके. लोग इस दिन पर्यावरण सुरक्षा का संकल्प भी लेते हैं. इस समय देश दुनिया जहां कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही है वहीं जलवायु परिवर्तन जिससे पृथ्वी सालों से जूझ रही है उस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है.

इस बात में कोई दो राय नहीं है कि मानव पृथ्वी पर रहते हुए भी इसके प्रति अपने कर्तव्यों को भूल चुका है. पृथ्वी की सुरक्षा करने वाली ओजोन लेयर में क्षति होने के कारण जलवायु परिवर्तन में बदलाव हो रहा है. पृथ्वी को इन बदलावों से बचाना आज के समय की जरुरत बन गई है. वहीं इतने सालों के बाद पृथ्वी दिवस को दुनिया भर के 195 देशों में मनाया जाता है.

डिजिटल होगा इस बार का पृथ्वी दिवस

पृथ्वी दिवस के मौके पर हर साल कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. इस साल ये कार्यक्रम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. तीन दिनों तक इस डिजिटल कार्यक्रम का आयोजन होगा जो 20 से 22 अप्रैल तक आयोजित होगा. इस कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.

इस बार ये है थीम

हर साल पृथ्वी दिवस पर एक खास थीम रखी जाती है. इस बार “रिस्टोर अवर अर्थ” थीम रखी गई है. इस थीम के जरिए पृथ्वी को पुनर्स्थापित करने की कोशिश की जा रही है. लोगों को जागरूक करना जरूरी है कि पृथ्वी को दोबारा अच्छी अवस्था में बहाल किया जाए ताकि ये आने वाले वर्षों में स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ रह सके और मनुष्यों को भी स्वस्थ जीवन प्रदान कर सके.

हालांकि इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए काफी काम करना होगा. सबसे पहले प्रकृति को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर रोक लगानी होगी. या धीरे धीरे इन गतिविधियों को कम करने की कोशिश करनी होगी.

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