व्हाइट फंगस के ये हैं लक्षण, ऐसे करें पहचान

नई दिल्ली. अभी कोरोना वायरस से लड़ाई जारी ही थी की ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस के मामले सामने आने लगे हैं. व्हाइट फंगस के मामले बिहार में देखने को मिले हैं. इन दिनों ब्लैक फंगस और वाइट फंगस दोनों के ही मामले देखने को मिल रहे हैं. इस बीमारी ने एक बार फिर देश भर में हलचल मचा दी है.

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इस संबंध में हमने बात की एम्स पटना के डॉ. विनय कुमार से. उन्होंने बताया कि व्हाइट फंगस (कैंडिडिआसिस) ब्लैक फंगस के जितना खतरनाक नहीं है. इसका इलाज लंबे समय तक जारी रहता है. मगर डॉक्टर का कहना है कि जितना जल्दी इस बीमारी का पता चल जाए उतना जल्दी इलाज शुरु हो जाता है.

नम जगहों पर होता है फंगस

बिहार एम्स के डॉ. विनय कुमार की मानें तो फंगस तंग और नम जगहों पर होता है. ऐसे में जरूरी है कि घर व आसपास साफ सफाई रखें. नियमित तौर से सफाई करते रहें. फ्रिज में रखा हुआ खाना भी न खाएं. घर में धूप आने दें और वेंटिलेशन भी आने दें. अगर आप मास्क इस्तेमाल करते हैं तो इसे भी रोजाना साफ करना जरूरी है. अगर कपड़े का मास्क इस्तेमाल करते हैं तो पहले सर्जिकल मास्क पहनें फिर ऊपर से कपड़े का मास्क पहनें.

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सर्जिकल मास्क को आठ घंटे बाद फेंक दें और कपड़े का मास्क धो दें. वहीं एन 95 मास्क के अंदर भी सर्जिकल मास्क पहनें. इस बात पर कोई आधार नहीं है कि व्हाइट फंगस ब्लैक फंगस से अधिक खतरनाक है. ब्लैक फंगस इससे अधिक खतरनाक हो सकता है. ये साइनस, आंखों, मस्तिष्क को बहुत नुकसान होता है. इसे हटाने के लिए बड़ी सर्जरी की आवश्यकता होती है.

ये हैं बीमारी के लक्षण

डॉ. विनय के मुताबिक व्हाइट फंगस का संक्रमण शरीर के कई अंगों पर तीव्र प्रभाव पड़ता है. कई मामलों में व्हाइट फंगस अधिक घातक भी हो सकता है. दरअसल इसका असर कई महत्वपूर्ण अंगों पर होता है. खासतौर से ये फेफड़ो पर प्रभाव डालता है. जैसे ही ये फैलता है ये महत्वपूर्ण अंगों को बहुत नुकसान पहुंचता है. इसका असर श्वसन अंगों, प्राइवेट पार्ट, पाचन तंत्र, गुर्दे, नाखून या मस्तिष्क पर हो सकता है.

इन पर हो सकता है अधिक असर

डॉ. के मुताबिक जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है उन पर इसका अधिक असर हो सकता है. इसके अलावा अगर लोग नमी वाले इलाके या नमी युक्त जगह पर रहते हैं तो भी इसका शिकार हो सकते हैं. ऐसे में ध्यान रखना जरूरी है कि फंगस लगी हुई चीजों से दूर रहें. पानी या आसपास की चीजों में साफ सफाई रखें. कहीं भी फंगस जमा न होने दें. इसके अलावा ये रोग डायबीटिज, कैंसर या नियमित रूप से स्टेरॉयड लेने वालों पर असर कर रहा है.

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