जानिए “पार्किंसन रोग” और इसके रोकथाम के तरीके

पार्किंसंस रोग नर्वस सिस्टम में होने वाला रोग है जो कई शारीरिक गतिविधियों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। इससे हाथों में कंपकंपी, पूरे शरीर में अकड़न या मूवमेंट का धीमा होना हो सकता है। डीप ब्रेन स्टिमुलेशन एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसके माध्यम से इलेक्ट्रोड को मस्तिष्क की गतिविधि को अवरुद्ध करने वाले विद्युत आवेगों के साथ रोगग्रस्त मस्तिष्क में प्रत्यारोपित किया जाता है।

एक शोध के अनुसार पार्किंसन रोगियों की संख्या करीब 6.2 मिलियन है और उनमें से लगभग 117,400 रोगियों की मौत हो चुकी है। इस शोध ही से ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह बीमारी कितनी भयंकर हो सकती है। हालांकि, दुर्भाग्य की बात ये है कि पार्किसन रोग को लेकर लोगों में जागरूकता नहीं है।

पार्किसन रोग के लक्षण

कपकपी होना- पार्किंसन रोग के लक्षणों में सबसे प्रमुख लक्षण शरीर में कपकपी होना है। उंगली, हाथ आदि शरीर के छोटे अंगों से इसकी शुरुआत होती है और फिर कुछ वक्त बाद ये पूरे शरीर में फैल जाती है।

लिखने में दिक्कत होना- लिखने में तकलीफ होना भी पार्किंसन रोग का लक्षण है। अगर आपको भी इस तरह की मुश्किल होती है तो पार्किंसन रोग हो सकता है, तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

कार्य क्षमता को कमज़ोर करना- अगर आपकी कार्य क्षमता अचानक से कम होने लगी है तो डॉक्टर से संपर्क करें, ये पार्किंसन रोग हो सकता है।

मांसपेशियों में अकड़न होना- अगर आपके मांसपेशियों में अकड़न होती है और इस स्थिति में आपको दवा का सहारा लेना पड़ता है तो आपको इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

बात करने में परेशानी होना- यदि किसी शख्स को बात करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो उसे तुरंत अपनी सेहत की जांच करानी चाहिए क्योंकि यह पार्किंसन रोग का संकेत हो सकता है।

कैसे करें पार्किंसन रोग की रोकथाम

बीमारी से जुड़ी रिसर्च में सामने आया है कि काफी सारे लोगों में पार्किंसन रोग देखने को मिला है, जिसके कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है. हालांकि, अगर कोई व्यक्ति इन 5 बातों का पालन करता है तो वो इस रोग की रोकथाम सरलता से कर सकता है।

  1. ताज़ी सब्जियों का सेवन करें- हमें अपने खान-पान का खास ध्याम रखना चाहिए क्योंकि इसका सीधा असर हमारी सेहत पर पड़ता है। इसलिए पार्किंसन रोग की रोकथाम के लिए ताजी सब्जियों का सेवन करना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
  2. एक्सराइज़ करें- रोजाना योगा या एक्सराइज़ करना हमारी सेहत के लिए लाभदायक साबित होता है। इस तरह की आदत को अपना कर हम पार्किंसन रोग जैसी बीमारियों से खुद को दूर रख सकते हैं।
  3. ग्रीन टी पीएं- पार्किंसन रोगियों को भी डॉक्टर्स द्वारा ये सलाह दी जाती है कि वो ग्रीन टी का सेवन करें। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रीन टी में कैफीन काफी कम मात्रा में मौजूद होता है।
  4. पेस्टीसाइज़ से बनाए रखें दूरी- केमिकल युक्त वातावरण से भी पार्किंसन रोग हो सकता है। इसलिए हमें पेस्टीसाइज़ जैसे केमिकल्स से दूरी बनाए रखनी चाहिए जिससे की हमारी सेहत पर इनका बुरा असर न पड़ सके।
  5. हेल्थ चेकअप- अपनी सेहत का ख्याल रखना हम सभी की जिम्मदारी होनी चाहिए, क्योंकि सेहत को लेकर की गई थोड़ी सी भी लापरवाही हमारे लिए एक मुसीबत बन सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी सेहत का ख्याल रखें और समय-समय पर अपना हेल्थ चेकअप करवाएं। इससे आपको यह संतुष्टि भी रहेगी कि आप पूर्ण तौर पर स्वस्थ हैं।

The Depth

TheDepth is India's own unbiased digital news website.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: