बिहार में डॉक्टरों की हो रही कमी, नई नियुक्तियों के लिए URDA ने उठाई मांग

नई दिल्ली. किसी ने कहा है चट्टानों से जो टक्कर ले, उसे तूफान कहते हैं. तूफानों से जो टक्कर ले उसे इंसान कहते है. मगर इन दिनों अस्पतालों में इंसान के रुप में भगवान लोगों की जानें बचा रहे हैं, इन्हें हम डॉक्टर कहते हैं. अपनी जान को जोखिम में डाल कर दूसरों की सेवा में लगे रहकर उन्हें जीवन दान देना, यही इनका मूल कर्तव्य बन गया है.

बीते साल भर में कोरोना संक्रमण के मामले जिस तरह से बढ़ हैं उसके बाद अस्पतालों में डॉक्टरों पर काम का अतिरिक्त दबाव भी बढ़ा है. कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती हुई संख्या के कारण इन दिनों डॉक्टरों को अतिरिक्त समय अस्पताल में ड्यूटी देनी पड़ती है.

ऐसे में यूनाइडेट रेजिडेंट एंड डॉक्टर्स एसोसिएशन बिहार ने मुख्यमंत्री नितिश कुमार को पत्र लिखा है. इस पत्र के माध्यम से कोरोना काल के लिए सीनियर डॉक्टरों की नियुक्ति किए जाने की मांग की गई है. इस संबंध में The Depth News ने बात की एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार से. उन्होंने बताया कि बीते दो सालों से बिहार में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती नहीं की गई है.

इस समय बिहार में 300 से 400 डॉक्टर हैं जिन्हें सीनियर रेजिडेंट की पोस्ट के निकलने का इंतजार है. इन डॉक्टरों को नौकरी की जरूरत है. सरकार को इस समय की गंभीरता और अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को समझते हुए इन डॉक्टरों को नौकरी पर रखने के लिए नियुक्तियां करनी चाहिए. सरकार के इस कदम से न सिर्फ योग्य डॉक्टरों को उनका पद मिलेगा बल्कि अस्पतालों में बढ़ रहा बोझ भी कम होगा.

पीजी कर रहे छात्रों को बनाया सीनियर

बता दें कि बीते वर्ष जानकारी सामने आई थी कि सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे छात्रों को ही सीनियर रेजिडेंट की पोस्ट दे दी थी. ये पोस्ट भी बिना किसी एडवर्टाइजमेंट के दी गई थी. वहीं सीनियर रेजिडेंट का कार्यकाल तीन वर्ष का होता है. सरकार ने इस कार्यकाल को भी बढ़ाया था. मगर जिन लोगों को इसकी जरुरत है इनके बारे में सरकार कोई विचार नहीं कर रही है.

जरुरी होता है सीनियर रेजिडेंट बनना

गौरतलब है कि सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर बनना एक डॉक्टर के करियर में बहुत जरुरी होता है. खासतौर से उन डॉक्टरों के लिए जो भविष्य में लेक्चरर बनने के इच्छुक होते हैं. ऐसे में सरकार अगर इन डॉक्टरों को सीनियर रेजिडेंट पद देती है तो इससे न सिर्फ कई मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा बल्कि डॉक्टरों के लिए भी ये कदम सराहनीय होगा.

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