शर्मनाक! मुख्यमंत्री से मिलने आए डॉक्टरों को थाने ले गई पुलिस, देखें वीडियो

नई दिल्ली. कोरोना वायरस काल में जो डॉक्टर दिन रात मरीजों का इलाज करने में जुटे हुए हैं उन डॉक्टरों के साथ उत्तर प्रदेश में बेहद शर्मनाक व्यवहार किया जा रहा है. हालिया मामले में झांसी से कुछ डॉक्टर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देने आए थे. मगर उन्हें पुलिस ने पकड़कर थाने में डाल दिया.

जानकारी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाएं विकसित करने के संबंध में डॉक्टर एक तीन सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देने आए थे. मगर इससे पहले ही तीन जूनियर डॉक्टर जो ये मांग पत्र लेकर आए थे उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया. सभी को हिरासत में लेकर प्रेम नगर थाना में ले जाया गया है. हिरासत में लिए गए डॉक्टर में रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरदीप जोगी, उपाध्यक्ष आशीष कनोजिया और महिला डॉक्टर शामिल हैं.

थाने ले जाए गए उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कनोजिया ने फोन पर बात करते हुए बताया कि तीनों डॉक्टर अपना मांग पत्र लेकर मुख्यमंत्री ले मिलने गए थे. मगर पुलिस वालों ने उनके मांग पत्र लिया और उन्हें प्रेम नगर थाने ले गई. हम सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलना चाहते थे. मगर ऐसा नहीं हो सका और हम पुलिस थाने आ गए.

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बता दें कि तीनों डॉक्टर झांसी से मांग पत्र देने आए थे. इस मांग पत्र के जरिए ये बताया गया कि कुछ सुविधाएं नहीं होने के कारण डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ व हेल्थ वर्कर परेशानी का सामना कर रहे हैं. इस पत्र के जरिए रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरदीप जोगी के मुताबिक मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां तक उपलब्ध नहीं है.

उन्होंने पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि जब भी किसी तरह का प्रशासनिक दौरा होता है तभी मेडिकल कॉलेज में दवाइयां प्रदान की जाती है. ऐसे में बिना दवाईयों के मरीजों का इलाज करना संभव नहीं है. लगातार और समय पर मेडिकल कॉलेज में दवाईयों की पूर्ती की जाए.

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वहीं ये भी देखने में आया है कि नर्सिंग स्टाफ हो या हेल्थ वर्कर इनके साथ प्रशासनिक अधिकारी दुर्व्यवहार करते हैं. ऐसे में पत्र में उन्होंने मांग की है कि मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए. अगर प्रशासनिक अधिकारी अच्छा व्यवहार करेंगे तो इससे महामारी के इस काल में इलाज करने में जुटे स्वास्थ्य कर्मियों का मनोबल बरकरार रहेगा.

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इस पत्र में मांग की गई कि मेडिकल कॉलेज झांसी में पढ़ने आए छात्रों के लिए 24 घंटे सेंट्रल लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाए. उनके रहने के लिए कैंपस में एक नए हॉस्टल का निर्माण किया जाए. इसी के साथ कैंपस में एक जिम व मैदान का निर्माण किया जाए ताकि छात्रों का स्वास्थ्य भी अच्छा रहे. यहां मैदान की जगह हैलिपैड बनाया गया है जिससे छात्रों का मैदान छिन गया.

दोबारा न हो ऐसी घटना

इस पूरे घटना पर हमने बात की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार से. उन्होंने कहा कि आज जब देश में हेल्थ इमरजेंसी आई हुई है. डॉक्टरों के ऊपर पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था है. उस समय में ऐसी घटना का होना बहुत शर्मनाक और निंदनीय है. रेजिडेंट डॉक्टर किसी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज के बैकबोन होते हैं. अगर वो प्रदेश के मुखिया से मिलने की गुजारिश कर रहे थे तो इसमें कुछ गलत नहीं था.

मात्र तीन से चार डॉक्टर मिलना चाहते थे और उन्हें परमिशन देने की जगह पुलिस थाने ले जाया गया. ये घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. यही नहीं उस घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने भी पुलिस के इस कदम का विरोध नहीं किया. ऐसे व्यवहार से डॉक्टर जो फ्रंटलाइन में खड़े होकर काम कर रहे हैं उनका मनोबल गिरता है. सभी डॉक्टरों की मांग को सुना जाए और उन्हें जल्द पुलिस अपनी गिरफ्त से छोड़े. यही नहीं ऐसी घटना दोबारा कभी नहीं होनी चाहिए.

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