युवा बेरोजगार, सोती रही सरकार

नई दिल्ली. झारखंड शिक्षक पात्रता यानी JTET 2016 के अभ्यार्थियों की नियुक्ति अबतक नहीं हो पाई है. राज्य में परीक्षा क्लीयर करने वालों के लिए इसकी वैधता पांच साल होती है. मगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार ने बीते पांच सालों से शिक्षकों की नई भर्तियां नहीं निकाली है.

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इस कड़ी में अब युथ फॉर स्वराज ने भी झारखंड शिक्षक पात्रता यानी JTET 2016 के अभ्यार्थियों की नियुक्ति के लिए अभियान चलाने का फैसला किया है. रविवार 6 जून को युवाओं के लिए आवाज उठाई जाएगी. दरअसल झारखंड में 24 हजार पद खाले पड़े है. राज्य में शिक्षित युवाओं की बेरोजगारी दर अब भी 32 प्रतिशत है.

ऐसे में पढ़े लिखे होने के बाद भी युवा नौकरी की जगह अपनी डिग्रियां लेकर नौकरी के लिए धक्के खाने को मजबूर है. बता दें कि नीति आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 2020-21 में झारखंड ने सतत विकास लक्ष्य में बहुत शर्मनाक प्रदर्शन किया है. झारखंड इस सूची में सिर्फ बिहार से ही उपर है. यानी आखिरी से दूसरे नंबर पर.

ट्वीटर पर नियुक्ति के लिए आवाज उठाएंगे युवा

इतने निंदनीय प्रदर्शन के बाद भी झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार अबतक सोई हुई है. यही नहीं राज्य में चुनावों से पूर्ण खुद मुख्यमंत्री ने युवाओं के रोजगार के संबंध में कई ट्वीट किए है मगर अब वो युवा और रोजगार के मुद्दे को भूल चुके है.

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इस संबंध में यूथ फॉर स्वराज के एम्प्लॉयमेंट फ्रंट के संयोजक अंकित त्यागी ने कहा कि हम झारखंड के युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़े है. राज्य में टीईटी की परीक्षा 2016 में हुई थी जिसकी वैधता 5 वर्ष की होती है. इस परीक्षा में 52 हजार अभ्यार्थी पास हुए थे मगर उन्हें शिक्षक भर्ती में बैठने का मौका नहीं मिला. सरकार ने अभ्यार्थियों के लिए भर्ती निकाली ही नहीं.

बता दें की सरकार ने टीईटी की परीक्षा के बाद प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के लिए शिक्षक भर्ती ही नहीं निकली है. ऐसे में जिन अभ्यार्थियों ने टीईटी परीक्षा पास की है अब उनके पांच साल की वैधता भी पूरी होने जा रही है. इसी के साथ उनकी उम्र भी निकल रही है. युवाओं को अपना भविष्य अंधकारमय दिख रहा है.

हजारों शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ

नई नियुक्तियों की मांग को लेकर युवा पहले भी ट्विटर पर कैंपेन चला चुके हैं. एक बार फिर नई नियुक्तियां निकालने के लिए रविवार 6 जून को ट्विटर पर कैंपेन चलाया जाएगा. इसमें #JTET_2016_कीसीधीबहाली ट्रेंड करवाया जाएगा. हमारी कोशिश है कि सरकार को उनके पुराने सभी वादे याद दिलाए जाएं. हमारी सरकार से मांग है कि शिक्षक बहाली को तुरंत पूरा किया जाए.

बेरोजगारी दर का जिम्मेदार कौन?

उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी दर 11.5 प्रतिशत है वहीं राज्य में 16 प्रतिशत. इस बढ़ती बेरोजगारी के लिए राज्य सरकार ही जिम्मेदार है. शिक्षित युवाओं को रोजगार देने की जिम्मेदारी से सरकार पीछे नहीं हट सकती. CMIE के आंकड़ों के मुताबिक स्नातक या इससे अधिक स्तर की डिग्री लिए हुए युवाओं में 32.8 प्रतिशत की बेरोजगारी दर है.

लाइब्रेरियन 11 साल से कर रहे नौकरी का इंतजार

इस मामले पर यूथ फॉर स्वराज की कम्युनिकेशन सेक्रेट्री जाह्नवी का कहना है कि सरकार स्कूलों का विलय कर रही है. इसके लिए सरकार का तर्क है कि स्कूलों में विद्यार्थी कम है. ये निर्णय बिलकुल गलत है. सरकार ने कई गावों में स्कूलों को बंद कर दिया है. स्कूलों को खोले जाने की मंशा यही थी कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रह जाए. अगर सरकार स्कूल बंद करेगी तो एक गांव की बच्ची किसी दूसरे गांव में कई किलोमीटर दूर पढ़ने कैसे जा सकेगी? सरकार ने इन बातों पर गौर नहीं किया. स्कूल बंद करने से अशिक्षित वर्ग बढ़ेगा.

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