कोरोना की तीसरी वेव के लिए ऐसे निपटने की तैयारी

नई दिल्ली. मौजूदा समय में देश और जनता सभी विकट परिस्थितियों से गुजर रहे हैं. ये कहना गलत नहीं होगा कि ये समय हमारी जिंदगी का बेहद भयानक समय है. चीन के वुहान से निकले इस वायरसने दुनिया को अपनी आगोश में लिया. भारत अब भी इसकी चपेट में है. भारत का स्वास्थ्य तंत्र तक इसके सामने घुटने टेक चुका है.

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एक तरफ जहां लोग हताश, निराश हैं. जनता के माथे पर परेशानी की लकीरें भी उभर रही है. इसी बीच ये आशंका भी व्यक्त की गई है कि कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने वाली है. ऐसे में वर्तमान में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर काम का जो अधिक भार है उसे देखते हुए एक नई पहल की शुरुआत की गई है.

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दरअसल नेशनल मेडिकोस ऑर्गनाइजेशन की तरफ से स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है. इसमें कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज कर चुके स्टाफ की टीम है. ये सभी मिलकर सेवा भारती से आइसोलेशन सेंटर में ट्रेनिंग दे रहे हैं. इस ट्रेनिंग के तहत स्टाफ को ये सिखाया जा रहा है कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति का इलाज कैसे करना चाहिए. किन बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है.

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इस संबंध में एम्स के नर्सिंग ऑफिसर कनिष्क यादव ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम पूरी दिल्ली में शुरु किए जाएंगे ताकि मरीजों को अच्छा इलाज लेने के लिए अस्पतालों के भरोसे न रहना पड़े. इतना ही नहीं इस ट्रेनिंग के जरिए 50 वॉलेंटियर मरीजों का इलाज करने के लिए तैयार होंगे. एक तरफ जहां एक्सपर्ट बनने में सालों लग जाते हैं वहीं दूसरी तरफ सहायक बनने में सिर्फ कुछ हफ्ते लगेंगे ओर इससे कई मरीजों का इलाज के लिए अस्पताल के भरोसे नहीं रहना पड़ेगा.

बता दें की इस ट्रेनिंग में 14 घंटे का सेशन होगा. इसमें वॉलंटियर को वेव तीन में कैसे मरीजों की देखभाल करनी है उसकी ट्रेनिंग दी जाएगी. ट्रेनिंग में बताया जाएगा कि अलग अलग मरीज के कई बार अलग तरह की परेशानियां हो सकती हैं. ऐसे में कई मरीजों के बीच उन्हें टैकल करना भी एक बड़ी जिम्मेदारी होती है. इसलिए इन्हें अभी से ट्रेनिंग दी जा रही है. ये ट्रेनिंग लेकर उन्हें मरीज का बीपी चैक करना, दवाई देना आदि संबंधित कई जानकारी हो जाएगी.

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स्टाफ को मिलेगी मदद

इनके जरिए मेडिकल स्टाफ की जो कमी इस समय पूरे देश में हो रही है उसे कम करने कमें थोड़ी मदद मिलेगी. इसी के साथ इनका काम होगा कि वो मरीज को कैटेगराइज करें. ताकि मरीज की स्थिति के आधार पर उनका ट्रीटमेंट किया जा सके.

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