वेतन के इंतजार में शिक्षक, ऐसे मांग रहे बकाया

नई दिल्ली. दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों का वेतन के लिए निगम अधिकारियों और दिल्ली सरकार से गुहार लगाना कोई नई बात नहीं है. निगम कर्मचारियों को बीते कई सालों से समय पर वेतन का भुगतान नहीं हो रहा है. ऐसे व्यवहार से कर्मचारी परेशान हो चुके हैं.

इस बार भी निगम शिक्षक वेतन के इंतजार में बैठे हुए हैं. उन्हें बीते तीन महीनों से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है. इस संबंध में कई बार निगम अधिकारियों को लिखने के बाद भी उनके कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है. ऐसे में शिक्षकों ने अब ट्वीटर का सहारा लेकर अपनी मांग को उठाना शुरु कर दिया है.

नगर निगम शिक्षक संघ के महासचिव रामनिवास सोलंकी ने इस संबंध में ट्वीटर पर अधिकारियों और नेताओं पर निशाना भी साधा है. शिक्षकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में दिल्ली सरकार दावा कर रही है कि वो राशन बांट रही है, किसी को आर्थिक मदद के तौर पर 5 हजार रुपये देरही है. वहीं दूसरी ओर निगम में कार्यरत शिक्षक हैं जिन्हें ड्यूटी करने के बावजूद भी उनके हक का वेतन तक नहीं दिया जा रहा.

इस संबंध में संघ की वरिष्ठ उपप्रधान विभा सिंह ने कहा कि शिक्षकों के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ लगातार सोशल मीडिया पर शिक्षकों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं. दरअसल उत्तरी दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों को तीन महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है. निगम शिक्षक दिल्ली सरकार से मांग कर रहे हैं कि निगम को मिलने वाली प्रथम तिमाही किश्त का भुगतान किया जाए ताकि शिक्षकों को उनका वेतन मिल सके.

निगम में है 7500 शिक्षक

बता दें कि सिर्फ उत्तरी दिल्ली नगर निगम में 7500 शिक्षक कार्यरत है. इन शिक्षकों को किसी तरह की आर्थिक मदद बीते तीन महीनों से नहीं की गई है. कोरोना संक्रमण काल में भी निगम के शिक्षकों को कोविड ड्यूटी, राशन वितरण, मुर्दाघर के बाहर ड्यूटी करने के लिए बुलाया जा रहा है. मगर तीन महीनों से इन्हें वेतन देने की सुध निगम को नहीं आई है.

शिक्षक हो रहे परेशान

कोरोना संक्रमण काल में बिना पीपीई किट, मास्क और हैण्ड ग्लव्स के ही शिक्षकों को ड्यूटी करने को मजबूर किया जा रहा है. सरकार शिक्षकों से काम तो करवा रही है मगर उन्हें बुनियादी सुविधा तक देने में असमर्थ है. शिक्षक अपनी व अपने परिवार की जान जोखिम में डाल कर अपने कर्तव्यों को पूरा कर रहे हैं मगर सराकर उनके प्रति संवेदनहीन बनी हुई है.

कोर्ट के दरवाजे पर शिक्षक

बता दें की इस संबंध में उच्च न्यायलय में कोर्ट केस भी चल रहा है. बार बार वेतन के लिए शिक्षकों को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है. शिक्षक वेतन और पेंशन संबंधित मुद्दे पर लगातार कोर्ट की शरण में जाते रहे हैं.

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