शरीर में आयोडीन की कमी बताते हैं ये लक्षण, न करें नजरअंदाज

नई दिल्ली. इंसान का शरीर सुचारू रूप से चले इसके लिए कई तरह के न्यूट्रीएंट्स की जरूरत होती है. आयोडीन भी शरीर के विकास में एक अहम भूमिका निभाता है. थॉयराइड हॉर्मोन्स बनाने में भी आयोडीन की जरूरत होती है. आयोडीन को लेकर अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ ने नई जानकारी दी है. इंस्टीट्यूट के मुताबिक आम व्यस्क को रोजोना 150 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरूरत होती है.

वहीं प्रेग्नेंसी के दौरान महीलाओं को हर दिन कम से कम 220 माइक्रोग्राम और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को 290 माइक्रोग्राम आयोडीन की जरूरत होती है. एक समय था जब लोगों में आयोडीन की कमी के मामले काफी अधिक सामने आते थे. मगर अब आयोडीन युक्त नमक के कारण आयोडीन की कमी के मामले अब कम हो गए हैं. हालांकि आयोडीन की कमी के मामले अब भी सामने आते रहे हैं.

अमेरिकन थायराइड एसोसिएशन की रिपोर्ट की मानें तो दुनिया भर में करीब 30 फीसदी लोग आयोडीन की कमी से ग्रसित हैं. आंकड़ों के अनुसार इस तथ्य को नकारा नहीं जा सकता कि आप या आपके परिवाक के सदस्य भी आयोडीन की कमी से ग्रसित हो सकते हैं. हालांकि इस कमी को नजरअंदाज करने की गलती बिलकुल नहीं करनी चाहिए.

गांठ की शिकायत

आयोडीन की कमी से ग्रसित लोगों में कई प्रकार के लक्षण देखे जाते हैं. इसी में थॉयराइड ग्रंथी गण्डमाला का बढ़ जाना भी शामिल है. गण्डमाला को घेंघा भी कहा जाता है. अगर किसी के गले में ऐसी ही गांठ हो जाती है तो ये आयोडीन की कमी के संकेत हो सकते हैं.

लेटने पर दम घुटने की शिकायत

अगर किसी को गण्डमाला में परेशानी होती है तो सांस लेने और निगलने में कठिनाई महसूस हो सकती है. अमेरिकन थायराइड एसोसिएशन की मानें तो लेटने के दौरान दम घुटने जैसा महसूस हो सकता है.

थकान महसूस होना

आयोडीन एक ऐसा पोषक तत्व है जो शरीर स्थित हर टिश्यू में मौजूद होता है. थायरोक्सिन और ट्राईआयोडायरोनिन जैसे हॉर्मोन के निर्माण में आयोडीन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. वहीं कुछ मामलों में ये असामान्य रूप से निष्क्रिय हो जाते हैं. ऐसे में इनकी शरीर में कमी हो जाती है और शरीर ठीक से काम नहीं कर पाता. इस कमी से शरीर में लगातार थकान या वजन बढ़ने जैसे परेशानियां सामने आ सकती हैं.

मानसिक रूप से परेशानी होना

व्यस्कों में जब आयोडीन की कमी होती है तो इसका असर मानसिक तौर पर भी पड़ सकता है. इसकी कमी कार्य करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है. वहीं ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को आयोडीन का पूरा ध्यान रखना चाहिए. डाइट में आयोडीन युक्त पदार्थ जरूर शामिल करने चाहिए.

बालों का गिरना भी लक्षण

आयोडीन की कमी से सिर्फ बीमारी ही नहीं होती बल्कि इसका असर स्किन और बालों पर भी होता है. आयोडीन की कमी होने पर स्किन रूखी हो जाती है. बाल गिरने के मामले भी बढ़ने लगते हैं. कई मामलों में मांसपेशियों में दर्द भी एक लक्षण पाया जाता है.

प्रेगनेंसी के समय परेशानी

प्रेगनेंसी के समय शरीर को थायरॉयड नामक हॉर्मोन की जरूरत होती है. इस हॉर्मोन के लिए शरीर में आयोडीन की पर्याप्त मात्रा होना जरूरी है. अगर प्रेग्नेंसी के दौरान महिला में आयोडीन की अत्यथिक कमी होती है तो गर्भपात का खतरा भी रहता है. सिर्फ इतना ही नहीं आयोडीन की कमी का असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर भी होता है. गर्भ में पल रहे बच्चे का विकास प्रभावित होता है. ऐसे बच्चे में न्यूरोलॉजिकल परेशानियां आ सकती हैं. यहां तक की बच्चे का ब्रेन डैमेज तक हो सकता है.

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