आंटी ने हनीमून पैकेज में ‘’चरस’’ देकर फंसाया, NCB ने कासरगोड सिंडिकेट लिंक का पता लगा कतर से छुड़ाया

rajesh ranjan singh
राजेश रंजन सिंह

गभग 21 महीने से कतर जेल में बंद एक कपल अब स्वदेश लौट रहा है. ये मुमकिन हो सका है नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के कारण. NCB ने इस केस में जांच करते हुए कासरगोड सिंडिकेट लिंक का पता लगाया और तेजी से जांच रिपोर्ट पेश की. इस केस को सुलझाने में अहम भूमिका रही NCB के डायरेक्टर जनरल राकेश अस्थाना और जांच कर रहे जांच अधिकारी केपीएस मल्होत्रा की. मिली जानकारी के मुताबिक इस कपल की फ्लाइट आज शाम कतर से मुंबई के लिए उड़ान भरेगी और ये लोग कल यानि गुरूवार को भारत पहुंच जाएंगे.

ये है पूरा वाक्या

दरअसल, पूरी कहानी है मोहम्मद शारिक और उनकी पत्नी ओनिबा कौसर शकील अहमद की. जिन्हें 6 जुलाई, 2019 को कतर की ड्रग प्रवर्तन एजेंसियों ने दोहा के हमाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गिरफ्तार कर लिया था. इनके पास से कतर अधिकारियों ने 4.1 किलोग्राम चरस बरामद किया था. इसके बाद मोहम्मद शारिक और ओनिबा कौसर पर कतर कोर्ट में मुकदमा चलाया गया और कतर कोर्ट (Supreme Judiciary Council of Qatar) ने दोनों को 10 साल जेल और जुर्माने की सजा सुनाई.

NCB ने शुरू की जांच

इस घटना की जानकारी मिलने पर ओनिबा कौसर के पिता शकील अहमद कुरैशी ने PMO, MEA, NCB समेत कई अन्य एजेंसियों से मामले की शिकायत की और बेटी-दामाद को छुड़ाने के लिए गुहार लगाई. इस बीच NCB डायरेक्टर जनरल राकेश अस्थाना ने पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी NCB के डीडी (आपरेशंस) केपीएस मल्होत्रा को सौंपी. मल्होत्रा की टीम को विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली कि यह ये केस कासरगोड सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है. बता दें कि कासरगोड सिंडिकेट द्वारा ऐसे लोगों से दूसरे देशों में ड्रग्स की सप्लाई की जाती है जिस पर किसी को शक न हो। कई बार तो ड्रग्स लेने जाने वाले को पता तक नहीं चलता कि वो ड्रग्स लेकर जा रह है. जैसा कि इस केस में भी हुआ.  

ncb
NCB

बस फिर क्या था, NCB ने एक ऑपरेशन शुरू किया, जिसमें सिंडिकेट के सदस्य चंडीगढ़ स्थित हिमाचल यूनिट से चरस खरीदने गए थे. इस ऑपरेशन में हिमाचल के स्रोत के साथ-साथ मुंबई के दो सिंडिकेट सदस्यों से जब्ती और गिरफ्तारी हुई. जांच आगे बढ़ी और मुंबई में मास्टरमाइंड निज़ाम कारा और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया. पूरी जांच प्रक्रिया में इस बात का खुलासा हो गया कि कतर में चरस के साथ पकड़ा गया कपल पूरी तरह से निर्दोष है. इस जांच रिपोर्ट को NCB ने MEA और कतर में भारतीय राजदूत डॉ. दीपक मित्तल के साथ साझा किया. फिर भारत में एकत्र किए गए सबूत और जांच रिपोर्ट को कतर कोर्ट में पेश किया गया जिसे कोर्ट ने सही माना और भारतीय कपल को रिहा कर दिया गया.

हमारी टीम ने बिना समय गंवाए सर्वश्रेष्ठ जांच की और इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट MEA के साथ शेयर की. जिसके बाद कतर कोर्ट ने हमारी जांच को सही पाया और शारिक -ओनिबा को रिहा कर दिया गया.

केपीएस मल्होत्रा, डीडी (आपरेशंस), NCB

आंटी ने दिया था हनीमून पैकेज में ‘’चरस’’

शारिक कुरैशी की आंटी तबस्सुम ने शारिक और ओनिबा को हनीमून मनाने के लिए कतर का हनीमून पैकेज तोहफे में दिया था. जाते समय तबस्सुम के एक जानकार ने शारिक को एक बैग दिया था. बैग में कुछ सामान था. इस पर शारिक को कुछ संदेह हुआ कि कहीं कुछ गलत सामान तो नहीं. लिहाजा उसने आंटी तबस्सुम को फोन किया तो उसने यकीन दिला दिया कि बैग में जर्दा (Tobacco) है. लेकिन इसी कॉल रिकॉर्डिंग से बाद में खुलासा हुआ कि निजाम कारा द्वारा एक संगठित ड्रग तस्करी सिंडिकेट चलाया जा रहा था, जिसमें तबस्सुम और अन्य शामिल थे. तबस्सुम के इसी साथी निज़ाम कारा ने कतर जाने के लिए बैंगलुरू में शारिक और ओनिबा को बैग चरस वाला बैग दिया था.

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