दादागिरी! डीएम से लेकर पुलिस सब पर पॉवर का नशा

नई दिल्ली. सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वालों ने छत्तीसगढ़ में तैनात IAS अधिकारी रणबीर शर्मा का वायरल वीडियो देख ही लिया होगा. इस वीडियो के बाद जो हंगामा शुरु हुआ वो अभी थमा भी नहीं था की अब उत्तर प्रदेश पुलिस एक नया वीडियो सामने आ गया है.

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सत्ता और पॉवर के नशे में लोग किस तरह से चूर हैं इसका सबसे ताजा उदाहरण है उत्तर प्रदेश पुलिस. उत्तर प्रदेश पुलिस ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से मिलने आए डॉक्टरों को पहले हिरासत में लिया. लगभग दो घंटे बाद डॉक्टरों को रिहा करते हुए पुलिस वालों ने उन्हें डॉक्टरों को धक्का मारा. सोशल मीडिया पर पुलिस के इस हरकत का वीडियो वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह से पुलिस वाले कोरोना संक्रमण के दौरान जूझ रहे देश की सेवा करने में जुटे डॉक्टरों के साथ व्यवहार कर रहे हैं.

डॉक्टर मांगते रहे अपना ज्ञापन

तीनों डॉक्टर जिस ज्ञापन को लेकर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से मिलने गए थे पुलिस स्टेशन से निकलते समय वो उस ज्ञापन को पुलिस अधिकारियों से मांगते रहे. मगर पुलिस अधिकारियों ने उन्हें ज्ञापन नहीं दिया. इसी के साथ उन्हें जबरन गाड़ी में बैठने और जाने के लिए विवश करते नजर आए. वीडियो में दिख रहे विजुअल के मुताबिक हिरासत में लिए गए तीन डॉक्टरों को पुलिस स्टेशन के बाहर छोड़ने के लिए सात-आठ पुलिस वाले आए. वहीं कोविड प्रोटोकॉल के तहत जहां दो गज की दूरी का पालन करने को कहा जाता है वहीं पुलिस वाले बार बार डॉक्टरों को छूकर उन्हें जाने के लिए कहते हुए दिखे.

डीएम ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

पुलिस द्वारा इस दुर्व्यवहार के बाद डॉक्टरों ने डीएम झांसी से मुलाकात की. इस मुलाकात के संबंध में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कनोजिया ने बताया कि मुलाकात के बाद डीएम झांसी ने आश्वासन दिया है कि एसपी झांसी जिन्होंने डॉक्टर को धक्का मारा उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.

इसे अपने पद का दुरुपयोग करना ही करेंगे कि पुलिस वालों ने डॉक्टर और इन दिनों किए जा रहे उनके कार्य की प्रशंसा करने की जगह उन्हें धक्का मारा. इस वीडियो के वायरल होने पर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने इस घटना की निंदा की. उन्होंने कहा कि जो डॉक्टर इस समय देश की सेवा में जुटे हुए हैं, जो अपनी जान की बाजी लगाकर आम जनता की जान बचा रहे हैं उनके साथ धक्का मुक्की करना दुर्भाग्यपूर्ण है.

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डॉक्टरों ने किसी तरह का प्रोटोकॉल नहीं तोड़ा न ही मुख्यमंत्री से मिलने के लिए किसी तरह की जिद की. उसके बाद भी उन्हें हिरासत से छोड़ते समय काफी संख्या में पुलिस वाले बाहर आए. उन्होंने एक डॉक्टर को धक्का दिया. इस तरह फ्रंटलाइन वॉरियर के साथ पेश आना पुलिस अधिकारी को शोभा नहीं देता. उन्हें जनता के सामने अपनी अच्छी छवि पेश करनी चाहिए ताकि जनता भी डॉक्टरों के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न करे. पुलिस के ऐसे व्यवहार से जनता पर भी गलत असर पड़ेगा.

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ये है मामला

दरअसल रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुंदेलखंड के दौरे पर हैं. उन्हें पहले झांसी और फिर बांदा का दौरा करने जाना था. झांसी में उनके पहुंचने पर उनसे मिलने झांसी स्थित महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट एसोसिएशन के सदस्य और पदाधिकारी भी पहुंचे. दरअसल एसोसिएशन की मांग थी कि मेडिकल कॉलेज में दवाईयों की कमी है जिसे दूर करना चाहिए ताकि मरीजों को बेहत इलाज मिल सके.

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इसके अलावा अपनी कुछ अन्य मांगों को लेकर वो मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे. मगर पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने तो नहीं दिया साथ ही उन्हें थाने ले जाकर बैठा दिया. हालांकि डॉक्टरों को लगभग दो घंटों के लिए हिरासत में रखा गया. इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हरदीप जोगी, उपाध्यक्ष डॉ. आशीष कनोजिया और एक महिला डॉक्टर भी शामिल रहीं.

एसोसिएशनों ने की मामले की निंदा

वहीं जैसे ये डॉक्टरों को हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया इस घटना की कई डॉक्टर एसोसिएशन ने निंदा की. फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के जनरल सेक्रेट्री डॉ. सुवर्णकार दत्ता ने ट्वीट कर इस मामले की निंदा करते हुए डॉक्टरों की रिहाई की मांग की थी.

छत्तीसगढ़ में भी आया मामला सामने

इस वीडियो के आने से मात्र कुछ ही घंटे पहले छत्तीसगढ़ का भी एक वीडियो वायरल हुआ. इसमें सूरजपुर के कलेक्टर आईएएस रणबीर शर्मा लॉकडाउन का जायजा लेने के लिए निकले हैं. इलाके में लॉकडाउन का पालन कराने की जिम्मेदारी उनपर ही है. हालांकि लॉकडाउन के दौरान दवाएं लेने जाने, टीका लगवाने समेत कई तरह की छूट भी दी गई है.

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चेकिंग के दौरान ही आईएएस रणबीर शर्मा ने अपनी प्रशासनिक पॉवर का इस्तेमाल किया और एक युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया. उन्होंने युवक के साथ हे पहले मोबाइल छीना और उसे पटका. फिर उस युवक को थप्पड़ तक जड़ दिया. आईएएस का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ. उन्होंने पुलिस कर्मियों को भी इस युवक को पीटने का हुक्म दिया. इसके बाद युवक को पुलिस के डंडे भी खाने पड़े. उन्होंने युवक के खिलाफ एफआईआर करने का आदेश भी दिया.

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हालांकि गनिमत रही की मुख्यमंत्री भुपेश बघेल ने रणबीर शर्मा को पद से हटाया. उनकी जगह सूरजपुर के नए कलेक्टर गौरव कुमार सिंह. रणबीर शर्मा को संयुक्त सचिव बनाकर मंत्रालय में भेजा गया है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद ये आदेश आया है.

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