शाह के सुपर प्लान से बंगाल में खिलेगा ”कमल”

रिची सिंह परिहार

(लेखक पेशे से पत्रकार हैं)

ई बार बांग्ला.. पारले सांभला यानी इस बार बंगाल, हो सके तो संभाल… पश्चिम बंगाल की गद्दी पर बीते 10 साल से कब्जा जमाए ममता मुखर्जी को बीजेपी इसी अंदाज में चुनौती दे रही है। नए नारे और नए जोश के साथ चुनावी बिगुल बजने से पहले ही बीजेपी, आक्रामक चुनाव प्रचार और जनता से जुड़े मुददे उठाकर टीएमसी के किले को भेदने में जुटी है…

लेकिन बीजेपी से पार पाने के लिए टीएमसी सियासी मैदान में टकराने की हिम्मत नहीं जुटा पार रही… लिहाजा वो राजनीतिक हिंसा के जरिए बीजेपी के रास्ते में रूकावट खड़ी कर रही है… सूबे में सियासी हिंसा का दौर तेज हो चुका है… 10 दिसंबर को टीएमसी के गुंडों ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर उस वक्त हमला किया, जब वो डायमंड हार्बर में एक सभा को संबोधित करने जा रहे थे… इस हमले में बीजेपी महासचिव और पश्चिम बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय बाल बाल बच गए.. तो इससे पहले 12 नवंबर को अलीद्वारपुर में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दिलीप घोष ऐसे ही हमले में बाल बाल बचे थे… जबकि पार्टी विधायक विल्सन चंपामारी इस हमले में घाय हो गए थे… इतना ही नहीं सूबे में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर लगातार हमले हो रहे हैं… उन्हें निशाना बनाया जा रहा है… अब तक 300 बीजेपी कार्यकर्ताओ की हत्या हो चकी है…राज्य में हो रही राजनीतिक हिंसा के खिलाफ बीजेपी ने 8 अक्टूबर को नबन्ना चलो रैली भी निकाल चुकी है… लेकिन सरकार प्रायोजित राजनीतिक हमला थमने का नाम नहीं ले रहा… पश्चिम बंगाल पुलिस भी टीएमसी कार्यकर्ताओं की तरह बर्ताव कर रही है… यही वह है कि सूबे में लोकतंत्र पर हो रहे हमले के खिलाफ राज्यपाल जगदीप धनखड़ को आवाज उठानी पड़ी… उन्होंने बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमले की निंदा की…

सियासत के जानकार भी राज्य में बढ़ रही राजनीतिक हिंसा के लिए ममता सरकार और टीएमसी का जिम्मेदार मानते हैं… उनका दावा है कि सूबे में बीजेपी की लगातार बढ़ती पैठ ने टीएमसी की नींद उड़ा दी है और वो हिंसा का सहारा लेकर बीजेपी के मिशन बंगाल को रोकने की कोशिश कर रहे हैं… सियासत के जानकारों का दावा बेवजह भी नही है… 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी सिर्फ 2 सीटें जीतने में कामयाब रही, लेकिन पार्टी को करीब 17 फीसदी वोट मिले… 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सबको चौंकाते हुए सूबे की 42 में से 19 सीटों पर कब्जा जमाया…यहां बीजेपी को टीएमसी के 43.3 फीसदी वोट के मुकाबले 40.3 फीसदी वोट मिले… इस चुनाव में बीजेपी ने 128 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त हासिल की…

अमित शाह का मिशन बंगाल प्लान:

जानकारों का दावा है कि सिर्फ 5 सालों में बीजेपी ने जिस तरह फर्श से अर्श का सफर तय किया है, उससे ममता बनर्जी लाल हैं… उन्हें अपना किला बचाने का कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा… तो पार्टी में सुलग रही बगावत उनके तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने की राह में मुश्किलें खड़ी कर रहा है… पश्चिम बंगाल में बीजेपी दिनोंदिन गद्दी के करीब पहुंच रही है तो इसका श्रेय पार्टी के चाणक्य माने जाने वाले गृहमंत्री अमित शाह को जाता है… राज्य में पार्टी को शून्य से शिखर तक पहुंचाने वाले शाह ने 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए खास रणनीति बनाई है…

200 प्लस का टारगेट:

अमित शाह यानी जीत की गारंटी… बीते तमाम चुनावी नतीजों में ये बात साफ हो गई कि शाह की रणनीति से निपटना विरोधियों के लिए नामुमकिन है… ममता बनर्जी के किले बंगाल की गद्दी को फतह करने के लिए इस बार शाह ने पार्टी को 200 प्लस के नारे के साथ चुनाव मैदान में उतारने का प्लान बाया है… इसके लिए आक्रामक चुनाव अभियान चलाया जाएगा तो लोगों को सीएए जल्द लागू करने का भरोसा भी दिया जाएगा…

पीएम मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी बीजेपी:

बीजेपी पश्चिम बंगाल चुनाव पीएम नरेंद्र मोदी के चेहरे को सामने रखकर लड़ेगी… क्योंकि वो पार्टी के सबसे भरोसेमंद चेहरा होने के साथ साथ लोकप्रिय भी हैं.. साथ ही पश्चिम बंगाल के लोगों को ये भी बताया जा रहा है कि किसत तरह ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र की योजनाओं का फायदा उन्हें नहं पहुंचने दिया… शाह के निर्देश पर बीजेपी हर चुनावी अभियान में केंद्र की योजनाओं का जिक्र करेगी।

हर बूथ पर बीजेपी हो मजबूत:

अमित शाह की अगुवाई में बीजेपी ने हर चुनाव बूथ पर फोकस कर जीता है… लिहाजा पश्चिम बंगाल में भी शाह के निर्देश पर बूथ लेवल पर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को मजबूत किया जा रहा है। राज्य में बीजेपी बूथ स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के सुझाव भी ले रही है… प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के मुताबिक पार्टी ने राज्य की 83 फीसदी मतदान केंद्रों पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। बंगाल में 78 हजार मतदान केंद्र हैं जिनमें से 65 हजार पोलिंग बूथ पर बीजेपी के प्रतिनिधि मौजूद हैं।

कोर टीम बनाई, शाह-नड्डा करेंगे निगरानी:

मिशन बंगाल के लिए अमित शाह ने बीजेपी नेताओं की कोर टीम का गठन किया है। इसमें 11 नेता शामिल हैं जिनमें से ज्यादातर केंद्रीय नेता हैं। इस टीम को सभी समीकरणों को देखते हुए बनाया गया है…  ये टीम हर विधानसभा क्षेत्र का मूड और समीकरण देखकर उम्मीदवारों की एक लिस्ट बनाई है। हर सीट पर फूंक फूंककर कदम रखे की तैयारी है, ताकि किसी भी सीट पर कमजोर उम्मीदवार न हो। इतना ही नहीं बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी हर छोटे बड़े फैसले पर पूरी नजर रखे हुए हैं…पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पूर्व अध्यक्ष अमित शाह पूरी कमान संभाल रहे हैं।

टीएमसी के विरोधियों को साधेंगे शाह:

बंगाल में बीजेपी के उभार को देखते हुए टीएमसी में भगदड़ मची है… ममता बनर्जी के खिलाफ अंसतोष बढ़ रहा है… तो कई नेता बगावत पर उतर आए हैं… शाह की नजर टीएमसी के बागियों पर है… लेकिन उन्हें पार्टी में शामिल करने से पहले शाह फूंक फूंककर कदम रख रहे हैं…

बंगाल के लोग टीएमसी की गुंडागर्दी वाली सरकार से परेशान है… उन्हें उम्मीद है कि बीजेपी की सरकार आने पर सूब की कानून व्यवस्था बेहतर होगी… गुंडाराज से मुक्ति मिलेगी… साथ ही उन्हें भ्रष्टाचार से भी छुटकारा मिलेगा… इसके साथ साथ बंगाल की जनता बीजेपी सरकार के आने पर नागरिकता कानून यानी सीएए लागू होने का सपना संजोय बैठे हैं।

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