सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी शुरू किया एक नई वैक्सीन पर काम, नाक के जरिए दी जाएगी डोज

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) ने भारत में कोविड-19 वैक्सीन कैंडिडेट का उत्पादन शुरू कर दिया है. सीरम इंस्टिट्यूट वैक्सीन उत्पादन के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के कोरोना वैक्सीन प्रोजेक्ट में पार्टनर है और भारत में इस वैक्सीन का ट्रायल करवा रहा है. इस वैक्सीन की खास बात ये है कि इसे नाक के जरिए दिया जाएगा. 

कोडाजेनिक्स की तरफ से जारी एक बयान में इसकी जानकारी दी गई. इस वैक्सीन का नाम CDX-005 दिया गया है. इस वैक्सीन कैंडिडेट ने जानवरों पर अपना प्री क्लिनिकल ट्रायल पूरा कर लिया है. अब कंपनी इस साल के अंत तक UK में इस वैक्सीन के पहले चरण का ट्रायल शुरू करेगी. कंपनी का दावा है कि प्री क्लिनिकल स्टडी में  वैक्सीन के अच्छे नतीजे आए हैं. कोडाजेनिक्स के सीईओ जे रॉबर्ट कोलमैन (Robert Coleman) ने कहा, “सीरम इंस्टीट्यूट के तकनीकी और आर्थिक सहयोग को देखते हुए हम उम्मीद करते हैं कि ये साल खत्म होने से पहले वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल पूरा हो जाएगा और वैक्सीन पर तेजी के साथ काम होगा.”

कोलमैन ने कहा कि इस वैक्सीन को बनाने में ऐसे सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है जो वायरस के म्यूटेशन को देखते हुए SARS-CoV-2 के जीनोम को रिकोड करता है. अभी इस वैक्सीन में रोगाणुओं से लड़ने की क्षमता नहीं है, फिर भी ये शरीर में मजबूत टी सेल्स (T cell) और एंटीबॉडी बनाती है.

रॉबर्ट कोलमैन ने बताया कि उनकी वैक्सीन कोरोना वायरस की अन्य वैक्सीन से काफी अलग है. उन्होंने कहा, “फिलहाल जो वैक्सीन बनाई जा रही हैं वो एडिनोवायरस वेक्टर पर आधारित हैं और वो सिर्फ स्पाइक प्रोटीन को टार्गेट करती हैं, जबकि CDX-005 वैक्सीन अलग तरीके से काम करेगी. इसे इंजेक्शन की बजाय नाक के जरिए दिया जाएगा, जोकि ज्यादा असरदार साबित होगी और इससे मरीजों को भी सहूलियत होगी.”

कोडाजेनिक्स कंपनी ने अपने बयान में बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट को ये वैक्सीन बनाने के लिए भारत के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) की जेनेटिक मैनीपुलेशन (Genetic Manipulation) की समीक्षा समिति से आवश्यक नियामक मंजूरी मिल गई है.  कंपनी की तरफ से कहा गया है कि सीरम इंस्टीट्यूट दुनिया भर में वैक्सीन उपलब्ध कराने की तैयारी करने के अलावा इसकी सुरक्षा और प्रभाव पर स्टडी भी करेगा.

कोडाजेनिक्स वैक्सीन प्रोग्राम में निवेश करने वाली कंपनी Adjuvant Capital के मैनेजिंग पार्टनर ग्लेन रॉकमैन (Glenn Rockman) ने कहा, “वैक्सीन में इस्तेमाल सॉफ्टेवेयर की वजह से कोडाजेनिक्स मौजूदा वैक्सीन में न केवल सबसे ज्यादा कारगर, बल्कि किफायती भी साबित होगी और भविष्य में आने वाली अन्य महामारी पर भी काम करेगी.”

कोडाजेनिक्स क्लिनिकल स्टेज सिंथेटिक बायोलॉजी कंपनी है जो वायरस के जिनोम को रिकोड करने पर काम करती है. आपको बता दें कि सीरम इंस्टीट्यूट कोडाजेनिक्स वैक्सीन के अलावा ऑक्सफोर्ड वैक्सीन का भी पार्टनर है और इसके क्लिनिकल ट्रायल पर काम कर रहा है.

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