कोरोना संकट के बीच चरमराई सफाई व्यवस्था, देखें वीडियो

नई दिल्ली. दिल्ली में आज से लॉकडाउन खुला है. लोगों ने घर ने बाहर निकलना शुरु कर दिया है. ऐसे में सड़कों पर गंदगी होना लाज्मी है. इसी बीच दिल्ली के सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है. सफाई कर्मचारी दो दिनों से हड़ताल पर है. कोरोना संक्रमण काल में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का बुरा असर हो सकता है.

सड़कों पर सफाई नहीं होना और ढलाव घरों में कूड़ा पड़ा रहने से कई स्वास्थ्य समस्याएं खड़ी हो सकती है. वहीं यूनियन का कहना है कि अगर निगम और सरकार हमारी मांगों पर गौर नहीं करेंगे तो हम हड़ताल खत्म नहीं करेंगे. सफाई कर्मचारी लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन भी कर रहे है.

सफाई कर्मचारियों की मांगों पर सरकार का ध्यान नहीं

बता दें कि निगम के सफाई कर्मचारियों ने अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा है. इस पत्र में मुख्यमंत्री को कई मांगों के बारे में अवगत कराया गया है. यूनियन के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुभाष खैरालिया के नेतृत्व में 27 मई से सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालिन प्रदर्शन कर रहे है. निगम प्रशासन ने अबतक सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की है.

इन मांगों को लेकर सोमवार को भी सफाई कर्मचारियों ने अलग अलग जगहों पर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन में सफाई कर्मचारी हाथों में झाडू़ लिए दिखे. सफाई कर्मचारियों का कहना है कि जबतक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी तबतक कोई भी सफाई कर्मचारी अपने क्षेत्र में काम नहीं करेगा.

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म्यूनिसिपल सफाई कामगार कांग्रेस दिल्ली प्रदेश के महामंत्री देवेंद्र सिंह प्रधान ने कहा कि प्रशासन अबतक सफाई कर्मचारियों की मांगों के प्रति असंवेदनशील बना हुआ है. प्रशासन के इस व्यवहार के कारण निगम कर्मचारियों में बहुत रोष है. प्रशासन से सुस्त व्यवहार से नाराज होकर सफाई कर्मचारियों के साथ 4 जून, शनिवार से काम बंद हड़ताल कर दी है. सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वो इसके लिए विवश है. वहीं सफाई कर्मचारियों ने इस हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी निगम पर डाली है.

बता दें कि सफाई कर्मचारी मांग कर रहे हैं कि सफाई कर्मचारियों की सैलरी का स्थायी समाधान निकाला जाए. हर महीने सफाई कर्मचारियों को समय पर सैलरी मिल सके. इसके साथ ही निगम के जितने में सफाई कर्मचारी कच्चे पद हैं उनकी नियुक्ति को पक्का किया जाए. इसमें 1998 से 2006 तक के मामले और करूणा आधार पर 2010 तक के कर्मचारियों को पक्का किया जाए.

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बता दें कि निगम के कई सफाई कर्मचारी रिटायर हो चुके है. उन कर्मचारियों के अंतिम लाभांशों व पेंशन का निपटारा भी जल्द से जल्द किया जाना चाहिए. सेवानिवृत्त कर्मचारी बार बार निगम के चक्कर लगाने में असमर्थ होते है. तीनों निगमों में भर्ती कराना क्योंकि बीते 20-22 सालों से निगम में किसी तरह की नई भर्ती नहीं की गई है.

इन दिनों कोरोना संक्रमण काल में सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी कोरोना अस्पतालों और शमशान घाटों में लगाई जा रही है. सफाई कर्मचारियों की सीधे जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. ऐसे में उनकी ड्यूटी यहां न लगाकर उनके क्षेत्र में ही ड्यूटी करने दी जाए.

देखें सफाई कर्मचारियों ने ऐसे किया प्रदर्शन

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