गर्भवती महिलाओं को भी लगे कोविड वैक्सीन : दिल्ली बाल आयोग

नई दिल्ली. गर्भवती महिलाओं के लिए भी कोरोना वैक्सीन सुरक्षित हो सकती है. हाल ही में हुई एक रिसर्च में ये दावा किया गया है. इस रिसर्च के आधार पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण को पत्र लिखकर कहा है कि गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को भी कोरोना वैक्सीन लगाए जाने की शुरुआत की जाए.

इस पत्र की कॉपी को उन्होंने ट्वीट भी किया है. उन्होंने लिखा कि भारत में कोरोना वैक्सीन लगाए जाने की शुरुआत फ्रंटलाइन वर्कर्स को 16 जनवरी से की गई है. जबकि 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 1 मई से वैक्सीन लगाई जा रही है. वर्तमान में भारत में गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाने की सलाह दी जाती रही है. 2018 के आंकड़ों के मुताबिक हर साल 2.6 करोड़ महिलाएं बच्चा पैदा करती हैं. इसी के साथ 2.6 करोड़ महिलाएं स्तनपान करवाती हैं. वहीं इस समय हमारे इस वैक्सीनेशन अभियान से कुल 5.2 करोड़ महिलाएं वंचित है.

वहीं Federation of Obstetric and Gynaecological Societies of India (FOGSI) के हाल ही में जारी किए गए स्टेटमेंट के मुताबिक महिला हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स, गायनोकोलॉजिस्ट आदि को गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के वैक्सीन की जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए. FOGSI के स्टेटमेंट में कहा गया है कि गर्भवती और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में भी वैक्सीन को लेकर समान दिशा निर्देशों का पालन करना होगा. गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इससे बाहर रखने का कोई ठोस आधार नहीं है.

भारत में वैक्सीनेशन अभियान से कुल 5.2 करोड़ महिलाएं हैं वंचित. अमेरिका में 90 हजार महिलाओं को कोविड वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है.

उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां की रेगुलेट्री अथॉरिटी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने गर्भवती महिलाओं को रिस्क वाली श्रेणी में बताया है. अमेरिका में 90 हजार महिलाओं को कोविड वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है. वहीं दूसरी तरफ भारत में गर्भवती महिलाओं में कोरोना संक्रमण होने का अधिक खतरा बताया जाता है.

वहीं दूसरी ओर उन्होंने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की गाइडलाइन्स का भी जिक्र किया. इसके अलावा उन्होंने भारत सरकार से गुजारिश की है कि गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को हाई रिस्क श्रेणी में रखा जाए. इन महिलाओं का वैक्सीनेशन शुरु करवाने के लिए एक टास्क फोर्स का निर्माण किया जाए जिसमें हेल्थ सेक्टर व अन्य संगठनों को कर्मचारियों को शामिल किया जाए.

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इसके अलावा महिलाओं को वैक्सीन के प्रभावों के बारे में भी शिक्षित करना और टीकाकरण से पहले उनकी अनुमति लेना. आंगनवाडी कार्यकर्तातओं और आशा कार्यकर्ताओं को भी इसमें शामिल किया जा सकता है.

Rajesh Ranjan Singh

Sr. Journalist, Writer, Delhi College of Arts & Commerce/Delhi University alumni.

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