इन टिप्स से हंसते-हंसते हरा देंगे कोरोना

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण फैले हुए साल भर से अधिक समय बीत चुका है. बीते साल भर में हमारी जिंदगी में कई बदलाव आए हैं. लोगों को घर में रहना पड़ा. अपने परिवार के सदस्यों से दूर रहना पड़ा. कई लोगों की नौकरी चली गई तो कई लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को इस कोरोना काल में खो दिया. इस सबका असर ये हुआ कि कोरोना काल के दौरान जो ब्रेक लोगों की जिंदगी में लगा उससे उनकी मानसिक सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा.

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कोरोना संक्रमण जब से फैलना शुरु हुआ है तब से लोगों में चिंता, डर, अकेलेपन और अनिश्चितता का माहौल बन गया है. दिन रात काम के बीच लोग इस परेशानी से दो चार हो रहें है. वहीं मीडिया में भी ऑक्सीजन की कमी तो कहीं बेड की कमी जैसी खबरें दिख रही हैं. इन सभी को देखकर लोगों के मन में अधिक भय पैदा होने लगा है. ऐसे में इस समय बहुत जरूरी है कि लोग नकारात्मकता को दूर रखकर सकारात्मक सोच अपनाएं. इस संबंध में The Depth News ने बात की कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट डॉ. मोहित शर्मा से.

Dr. Mohit Sharma, Psychiatrist

घबराहट कम करने की जरूरत

डॉ. मोहित का कहना है कि इस समय लोगों में डर का माहौल है. लोगों को ये समझने की जरूरत है कि कोरोना संक्रमण का मतलब सिर्फ अस्पताल में भर्ती होना नहीं है. हर कोरोना के मरीज को अस्पताल में बेड और ऑक्सीजन की जरूरत नहीं है. घर पर रहकर भी इसका इलाज किया जा सकता है. ऐसे में सीधे अस्पताल की तरफ भागने से बचें.

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तय करें रूटीन

इन दिनों दिल्ली समेत कई राज्यों में लॉकडाउन लगा हुआ है. लोगों को घर पर रहना पड़ रहा है. घर पर रहते हुए ये जरूर ध्यान रखना चाहिए कि लोग एक रूटीन का पालन करते रहें. ऐसा करने से उन्हें हर काम को करने के लिए नियमित समय निकालने का मौका मिलेगा. साथ ही ये भी देख पाएंगे की अपने समय का सकारात्मक इस्तेमाल वो कैसे कर रहे हैं.

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हॉबी को जरूर दें समय

रोजाना की व्यस्त जिंदगी में लोग अपनी हॉबी को समय देना भूल जाते हैं. इस समय अपनी हॉबी को दोबारा समय दे सकते हैं. चाहे किताब पढ़ने के शौकीन हैं या गार्डनिंग के या कुकिंग के अपनी हॉबी को कुछ समय जरूर दें. इसके अलावा आप चाहें तो कोई नई एक्टिविटी भी सीख सकते हैं. ऐसा करने से आपका टैलेंट बढ़ेगा. अपने समय का भी सदुपयोग आप कर पाएंगे. दिनचर्या का पालन करने से एक उद्देश्य भी मिलता है.

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घर वालों से करें बात

कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा अब भी जारी है. मगर काम के सिलसिले में परिवार के सदस्य दूसरे शहर में रह रहे हों ये भी संभव है. इन दिनों फिर से वर्क फ्रॉम होम शुरु हो गया है. ऐसे में काम से जब भी मौका मिले तो अपने परिवार वालों या दोस्तों से बात जरूर करें. अपने रिश्ते को मजबूत करें. छोटी-छोटी बातों का बुरा न मानें. अपना और सदस्यों का ख्याल रखें. ऐसा करने से परिवार के साथ आप जुड़े रहेंगे. सभी के साथ मिलकर इस बीमारी से लड़ने की हिम्मत भी मिलेगी.

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कोविड की न हो बात

जब भी परिवार वालों या दोस्तों से बात करें तो कोशिश करें कि कोरोना वायरस की बात न हो. परिवार या दोस्तों से कोरोना वायरस के अलावा अन्य विषय पर बात करें. ऐसा करने से सभी के मन में सकारात्मक विचार आएंगे. ध्यान रखें कि एक दिन सब ठीक होगा. धैर्य बनाए रखें.

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नियमों का करें पालन

किसी भी सूरत में भारत सरकार, स्वास्थ्य मंत्रालय और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के नियमों को नजरअंदाज न करें. घर पर रहते हुए या घर से बाहर जानें पर कोरोना से लड़ने के लिए नियमों का पालन जरुर करें. दो गज दूरी बनाए रखें, मास्क जरूर पहनें, समय-समय पर हाथ धोते रहें, सैनेटाइजर का इस्तेमाल करें.

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इंटरनेट पर मौजूद हर जानकारी पर न करें भरोसा

इन दिनों इंटरनेट या सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस से जुड़ी सैकड़ों खबरें आ रही है. कई फेक मैसेज भी वायरल हो रहे हैं. हालांकि इनकी विश्वसनीयता की भी जानकारी नहीं है. इन फेक मैसेज से भी लोगों की परेशानी व घबराहट बढ़ी है. ध्यान देने वाली बात है कि वायरस मैसेज का स्रोत भी अज्ञात होता है. ऐसे मैसेज पर भरोसा करने की गलती न करें. कई मैसेज में दवाई खाने की सलाह दी जाती है. किसी भी तरह की परेशानी होने पर अपने डॉक्टर से संपर्क करने के बाद ही दवाई का सेवन करें.

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