फ़र्ज़ी सैनिक बनकर लोगों को लूटता था आरोपी, पुलिस ने किया गिरफ्तार

नकली सैनिक अधिकारी बनकर लूटपाट करने वाले आरोपी नागराजू कार्तिकेय रघु वर्मा और उसके दो साथियों- दीपक कुमार बोहरा और गड्डम अनिल कुमार को साइबराबाद (Cyberabad) की कूकटपल्ली हाउसिंग बोर्ड पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कूकटपल्ली पुलिस ने उनके पास से दो मैन पैक, दो हथकड़ियां, एक डंपी पिस्तौल, दो चाकू, एक पुलिस की वर्दी, एक सेना की वर्दी, एक कार और दो सेलफोन भी जब्त किया है। एसीपी बी. सुरेंदर राव और केपीएचबी पुलिस इंस्पेक्टर एस. लक्ष्मीनारायणा के मुताबिक इस मामले में दो अन्य आरोपी- पी. स्वामी सत्यनारायणा और श्रीनू अभी भी फरार हैं।

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फर्जी पुलिस बनकर कियाअपहरण

पुलिस के मुताबिक आरोपी कार्तिकेय ने शिकायतकर्ता गुरुकृपा निलयम, केपीएचबी काॅलोनी निवासी (पेशे से व्यापारी) तिम्मीरेड्डी दिलीप का गत 1 फरवरी को फर्जी पुलिस बनकर अपहरण कर लिया था। इसके बाद तिम्मीरेड्डी दिलीप को झूठे मामले में फंसाने का हवाला देकर 5 लाख रुपये की मांग की और उसके पास से 50 हजार रुपये, सेलफोन और कार को जबरन ले लिया।

इसके पहले सोची-समझी साजिश के तहत आरोपी कार्तिकेय ने अपने सहयोगी पी. स्वामी सत्यनारायण को गत 27 जनवरी को पुरानी कारों की खरीद-फरोख्त करने वाले तिम्मीरेड्डी दिलीप के पास भेजा और जानबूझकर सत्यनारायण ने अपनी कार 15 हजार रुपये में गिरवी रख दी। इस दौरान उसने दिलीप के बारे में जानकारी ली और इस आधार पर आरोपियों ने उसका अपहरण कर लिया।

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दर्ज़ हैं कई मामले

उन्होंने बताया कि कार्तिकेय रघु वर्मा मूलतः कोम्मु चिरला गांव, पश्चिम गोदावरी का रहने वाला है। उसने वर्ष 2017 के दौरान सेना में भर्ती होने के लिए आवेदन किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसके बाद सेना की वर्दी और पुलिस की वर्दी खरीदी। सेना की वर्दी पहनकर अपने गांव गया और खुद को सेना का अधिकारी बताते हुए प्रचार किया। उसके इस व्यवहार पर पुडुर पुलिस को संदेह हुआ। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा।

जेल से बाहर आने के बाद आरोपी कार्तिकेय सेना का अधिकारी व पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को डरा-धमका कर पैसा वसूल रहा था। उसके खिलाफ पहले से ही कई पुलिस थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज़ हैं। वर्ष 2017 में सनतनगर पुलिस थाना में और साल 2020 में पश्चिम गोदावरी के पुडुर थाना समेत पंजागुट्टा थाना और रामचंद्रापुरम थाना में भी आरोपी कार्तिकेय के खिलाफ मामले दर्ज किए गए।

बता दें कि रामचंद्रापुर पुलिस थाने से संबंधित आपराधिक मामलों में एक बार उसे गिरफ्तार भी किया गया था। साइबराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने कार्तिकेय को मीडिया के समक्ष पेश भी किया था। लेकिन जमानत पर जेल से बाहर आकर कार्तिकेय फिर से ठगी करने लगा।

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