लर्निंग के साथ अर्निंग भी होनी चाहिए, विश्व युवा कौशल दिवस पर बोले PM मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी पहुंचे हैं. इस दौरान वाराणसी के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के युवाओं का स्किल डेवलपमेंट, एक राष्ट्रीय आवश्यकता है और आत्मनिर्भर भारत का बहुत बड़ा आधार है. पिछले 6 सालों में जो आधार बना, जो नए संस्थान बने, उसकी पूरी ताकत जोड़कर हमें नए सिरे से स्किल इंडिया मिशन को तेजी देनी है.

आज जिसके पास स्किल्‍स वही ग्रो करेगा’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आज दुनिया में स्किल्स की इतनी डिमांड है कि जिसके पास यह गुण होगा वही ग्रो करेगा. ये बात व्यक्तियों पर भी लागू होती है और देश पर भी लागू होती है. शिक्षा हमें अगर ये जानकारी देती है कि हमें क्या करना है, तो हमें स्किल ये सिखाती है कि वो काम वास्तविक स्वरूप में कैसे होगा. स्किल इंडिया मिशन इसी सच्चाई, इसी जरूरत के साथ कदम से कदम मिलाने का कार्यक्रम है.

ग्लोबल स्किल गैप की मैपिंग प्रशंसनीय कद

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के लिए एक स्‍मार्ट और स्किल्‍ड मैन पावर सॉल्यूशन भारत दे सकता है. ये हमारे नौजवानों के कौशल रणनीति के मूल में होना चाहिए. इसको देखते हुए ग्लोबल स्किल गैप की मैपिंग जो की जा रही है, वो प्रशंसनीय कदम है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने युवाओं और कमजोर वर्ग के कौशल पर बहुत ध्‍यान दिया है. आज कौशल भारत के जरिए देश बाबासाहेब के इस दूरदर्शी सपने को पूरा करने के लिए भरपूर प्रयास कर रहा है. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी को 1583 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं की सौगात दी है. प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी में 78 परियोजनाओं का उद्घाटन किया है.

पीएम मोदी ने आगे कहा कि, ‘हमारे पूर्वजों ने कौशल को महत्व देने के साथ ही, उसे समाज के उल्लास का हिस्सा बनाया. हम विजयादशमी को शस्त्र पूजन करते हैं, अक्षय तृतीया को किसान फसल का और कृषि यंत्रों का पूजन करते हैं. भगवान विश्वकर्मा की पूजा तो प्रत्येक शिल्प से संबंधित लोगों के लिए बहुत बड़ा पर्व रहा है. आज ये आवश्यक है कि लर्निंग आपकी अर्निंग के साथ हो, रूके नहीं.’

पीएम मोदी ने कहा कि, ‘आज दुनिया में स्किल्स की इतनी मांग है कि जिसके पास यह गुण होगा वही आगे बढ़ेगा. ये बात व्यक्तियों पर भी लागू होती है और देश पर भी लागू होती है. शिक्षा हमें यदि ये जानकारी देती है कि हमें क्या करना है, तो हमें स्किल ये सिखाती है कि वो कार्य वास्तविक स्वरूप में कैसे होगा. स्किल इंडिया मिशन इसी सच्चाई, इसी आवश्यकता के साथ कदम से कदम मिलाने का कार्यक्रम है. पीएम मोदी ने आगे कहा कि विश्व के लिए एक स्‍मार्ट और स्किल्‍ड मैन पावर सॉल्यूशन भारत दे सकता है. ये हमारे नौजवानों के कौशल रणनीति के मूल में होना चाहिए. इसको देखते हुए ग्लोबल स्किल गैप की मैपिंग जो की जा रही है, वो सराहनीय कदम है.

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