राहत! प्रशासन के आश्वासन के बाद एम्स के डॉक्टरों ने रद्द किया हड़ताल का फैसला

नई दिल्ली. पटना एम्स के 300 रेजिडेंट डॉक्टर अब हड़ताल पर नहीं जाएंगे. एम्स पटना के 300 डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला वापल ले लिया है. कोरोना काल में जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ रही है उसेक देखते हुए एम्स पटना ने ये निर्णय लिया है.

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इस संबंध में एम्स पटना के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विनय ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण काल में मरीजों की संख्या बहुत अधिक बढ़ गई है. बिहार में सबसे ज्यादा और सीरियल मामले देखने को मिल रेहे हैं. ऐसे में हड़ताल पर जाने का निर्णय वापस ले लिया गया है. हड़ताल वापस लेने से मरीजों को बहुत राहत मिलेगी.

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बता दें कि एम्स पटना के डॉक्टर सोमवार से हड़ताल पर जाने वाले थे. हाालंकि प्रशासन ने डॉक्टरों की कुछ मांगों को मान लिया है. इससे भी डॉक्टरों में राहत है. डॉ. विनय ने बताया कि एम्स प्रशासन ने पांच दिनों के लिए पोस्ट कोविड ड्यूटी ऑफ देने का आश्वासन दिया है. इसके साथ हमें ये आश्वासन भी मिला है कि रेजिडेंट्स के एडमिशन में किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा.

डॉक्टरों ने किया था हड़ताल का एलान

दरअसल डॉक्टर मांग कर रहे थे कि आठ दिन कोरोना ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों को ड्यूटी खत्म होने के बाद आठ दिन तक क्वारंटीन होने की सुविधा दी जाए. कोविड में ड्यूटी करने के दौरान डॉक्टरों पर मानसिक और शारीरिक प्रेशर अधिक हो जाता है. इस दौरान संक्रमण का खतरा भी लगातार बना रहता है. ऐसे में संक्रमण की पहचान करने के लिए जरूरी है कि डॉक्टरों को क्वारंटीन होने की सुविधा मिलनी चाहिए.

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इसके अलावा डॉक्टरों की मांग थी कि प्रदेश के कई मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों के लिए बेड रिजर्व किए गए हैं. ऐसे ही पटना एम्स में भी 20 बेड रिजर्व किए जाएं. यही नहीं कोविड ड्यूटी के जितने दिन डॉक्टर ड्यूटी करते हैं उतने ही दिन का उन्हें रेस्ट भी मिले.

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