राजस्थान में डॉक्टर के बाद नर्स हड़ताल पर

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण के दौरान जितनी जिम्मेदारी से डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं उतनी ही जिम्मेदारी से नर्सिंग स्टाफ मरीजों की देखभाल करने में जुटे हैं. मगर अब राजस्थान के नर्सिंग कर्मियों ने कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया है. ऐसे में ये समस्या खड़ी हो गई है कि कोविड काल में मरीजों की देखभाल कैसे होगी.

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दरअसल राजस्थान एनएचएम 2016 भर्ती में लगे नर्स ग्रेड 2 के कर्मचारी वेतन बढ़ाने की मांग की जा रही है. नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि वेतन संबंधित शोषण के खिलाफ अब कर्मचारी 25 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे. सरकार से हमारी मांगे जायज है.

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कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें सरकार से 7900 रुपये का वेतन हर महीने मिलता है. इस राशि में नर्सिंग कर्मियों के लिए परिवार का पालन पोषण करना बहुत मुश्किल हो जाता है. ऐसे में कर्मियों ने मांग की है कि उनका वेतन बढ़ाकर 26500 रुपये किया जाए. सरकार अगर इस मांग को नहीं मानेगी तो कोरोना काल में कर्मचारियों को कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.

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कर्मचारियों के मुताबिक अब वो अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे. जबतक सरकार वेतन संबंधित मांग को नहीं मानेगी और नर्सिंग स्टाफ के वेतन में बढ़ोतरी नहीं करती तबतक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा. ये कार्य बहिष्कार राज्य स्तर पर जारी रहेगा. यानी पूरे राज्य के नर्सिंग स्टाफ अब कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर हैं.

17 महीनों से कर रहे मांग

नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर स्टाफ बीते 17 महीनों से सरकार से गुजारिश कर रहे हैं. मगर सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही. एक तरफ कोरोना संक्रमण काल में मरीजों की देखभाल के लिए नर्सिंग स्टाफ अपनी जी जान लगा रहा है वहीं सरकार को उनकी चिंता नहीं है.

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