भगवद गीता और PM मोदी की तस्‍वीर लेकर अंतरिक्ष में जाएगा ये सैटेलाइट

भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (Indian Space Research Organisation, ISRO) द्वारा फरवरी के आखिर में लॉन्च होने वाली निजी क्षेत्र का पहला उपग्रह सतीश धवन सैटेलाइट (Satish Dhawan Satellite or SD SAT) पहली बार नासा की तर्ज पर भगवद गीता (Bhagavad Gita) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की एक तस्वीर समते 25,000 भारतीय लोगों (विशेषकर छात्रों) का नाम लेकर अंतरिक्ष में पहुंचेगा। इस उपग्रह का प्रक्षेपण ISRO अपने विश्वसनीय ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान PSLV-C51 से दो अन्य निजी उपग्रहों के साथ करेगा।

इसरो के अपने पहले मिशन (ISRO First Mission in 2021) के तहत 28 फरवरी को ब्राजील के उपग्रह अमेजोनिया-1 (Amazonia 1) और तीन भारतीय पेलोड को प्रक्षेपित करने की योजना बना रही है। इन पेलोड में से एक भारतीय स्टार्टअप द्वारा निर्मित है। इन उपग्रहों को चेन्नई से 100 किमी दूर श्रीहरिकोटा (Sriharikota) स्पेसपोर्ट से सुबह 10 बजकर 24 मिनट पर पोलर सैटेलाइट लांच व्हीकल (Polar Satellite Launch Vehicle, PSLV) सी-51 (PSLV-C51) के माध्यम से प्रक्षेपित किया जाना है।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, स्पेसकिड्ज इंडिया (SpaceKidz India) के संस्थापक और CEO डॉ श्रीमथि केसन (Dr Srimathy Kesan) ने बताया कि इस समय ग्रुप में काफी एक्साइटमेंट है। यह अंतरिक्ष में जाने वाला उनका पहला उपग्रह होगा। जब हमने मिशन को अंतिम रूप दिया, तो हमने लोगों से उनके नाम भेजने को कहा जो अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे। इसके बाद एक हफ्ते के अंदर हमें 25,000 आवेदन मिले। इनमें से 1,000 नाम भारत के बाहर के लोगों के थे।

सैटेलाइट में भगवत गीता और पीएम मोदी की तस्वीर भेजने का फैसले पर केसन ने बताया कि दूसरे स्पेस मिशन को देखते हुए उन्होंने ये फैसला लिया है जो की अपने साथ बाइबल लेकर जाते हैं। इसी के साथ उन्होंने ये भी बताया कि उनकी ये सैटेलाइट आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देगी, क्योंकि ये पूरी तरीके से भारत द्वारा विकसीत की गई है। इसलिए इसके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि इस सैटेलाइट में ISRO की तरफ से कुछ बदलाव बताए गए हैं।

इस नैनोसेटेलाइट (Nanosatellite) का नाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के संस्थापक पिताओं में से एक के नाम पर रखा गया है और  SpaceKidz India द्वारा विकसित किया गया है। स्पेसकिड्ज छात्रों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए समर्पित एक संगठन है। इस सैटेलाइट में तीन वैज्ञानिक पेलोड भी ले जए जाएंगे। इनमें से एक अंतरिक्ष विकिरण का अध्ययन करने के लिए, एक मैग्नेटोस्फीयर का अध्ययन करने के लिए, और एक कम बिजली चौड़े क्षेत्र के संचार नेटवर्क का प्रदर्शन करेगा।

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