कोविड वॉरियर शिक्षकों के लिए मुआवजे की मांग

नई दिल्ली. दिल्ली नगर निगम के कर्मचारी लगातार कोरोना में ड्यूटी कर रहे हैं. ड्यूटी के दौरान ही कई शिक्षक कोरोना संक्रमण का शिकार भी हुए. जबकि कई शिक्षकों की जान संक्रमण के कारण चली गई. बीते साल जब कोरोना संक्रमण की पहली लहर आई थी तब सरकार की ओर से शिक्षकों को कोरोना वॉरियर का दर्जा दिया गया था. मगर इस बार जब कोविड की दूसरी लहर में लोगों की मौत का आंकड़ा बढ़ा है वैसे ही सरकार का रवैया भी बदल गया है.

कोरोना काल में शिक्षक कर रहे वेतन का इंतजार

वहीं अब अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार के रवैये को देखते हुए अपने सहकर्मियों के लिए खुद आगे बढ़ने का फैसला किया है. ऐसी कड़ी में संघ ने अपने टीचर वेलफेयर फंड की राशि से कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले शिक्षकों को मुआवजा राशि दिए जाने की पेशकश की है. बता दें कि दिल्ली के तीनों नगर निगम में कोरोना संक्रमण से कई शिक्षकों की जान जा चुकी है. संघ ने इस संबंध में निगम मेयर, कमीश्नर को पत्र लिखा है.

कोरोना काल में लगातार किया काम, 3 महीने से नहीं मिली सैलरी, CM से लगाई गुहार

बता दें की शिक्षक वेलफेयर फंड में पैसा हर साल शिक्षकों के वेतन से कटता है. इस फंड में दक्षिण और पूर्वी दिल्ली नगर निगम के शिक्षकों के वेतन से हजार रुपये सालाना व उत्तरी दिल्ली के शिक्षकों के वेतन से 500 रुपये सालाना कटता है. मगर बीते 6-7 सालों से इस फंड का कोई इस्तेमाल नहीं किया गया है. ऐसे निगम शिक्षकों ने पेशकश की है कि मृतक शिक्षकों के परेजनों को मई के अंत से पहले ही फंड जारी किया जाए.

कोरोना से जान गंवाने वाले शिक्षकों के आश्रितों के लिए दिल्ली सरकार से लगाई गुहार

अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ के डिप्टी जनरल सेक्रेट्री नवीन कुमार ने बताया कि हमारी सैलरी में से सालों से पैसा कट रहा है. आज शिक्षकों के परिजनों को आर्थिक मदद की जरुरत है. सरकार इनकी मदद नहीं कर रही ऐसे में हम शिक्षकों ने इनकी मदद का फैसला लिया है. टीचर्स वेलफेयर फंड में से ही मृतक शिक्षकों के परिजनों को 10 लाख रुपये दिए जाने की हमारी मांग है. इसी के साथ महापौर निगम अधिकारियों के साथ जल्द से जल्द बैठक भी करवाएं.

पूर्वी निगम में पैसा हो रहा इस्तेमाल

नगर निगम शिक्षक संघ की उप प्रधान विभा सिंह ने बताया कि पूर्वी निगम के शिक्षक बीते पांच सालों से हर साल सालाना तौर पर एक हजार रुपये टीचर्स वेलफेयर फंड के लिए राशि देते आए हैं. इस फंड का इस्तेमाल हमेशा से होता रहा है. जरुरत पड़ने पर शिक्षकों को 5 लाख की राशि दी जाती है. हालांकि बीते एक साल से इस फंड का इस्तेमाल नहीं हो पाया है क्योंकि कोविड संक्रमण के कारण बैठक नहीं हुई है.

ड्यूटी के दौरान शिक्षक हुए संक्रमित

बीते साल भर स्कूल तो बंद है मगर शिक्षकों को ड्यूटी लगातार करनी पड़ी है. कभी राशन बांटने की, कभी एयरपोर्ट पर, कभी कोविड सेंटर पर तो कभी मुर्दा घर के बाहर शिक्षकों ने ड्यूटी की है. इस दौरान कई शिक्षक कोरोना वायरस से संक्रमित भी हुए हैं. इन्हें न तो इलाज के लिए कोई पैसा मिल रहा है और न ही किसी तरह की सुविधाएं दी जा रही है. शिक्षकों को बेड से लेकर ऑक्सीजन तक के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है.

The Depth

TheDepth is India's own unbiased digital news website.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: