परीक्षा हो चुकी है रद्द, फीस वापिस करे महाराष्ट्र सरकारः पाटिल

पूरा देश इन कोरोना महामारी की चपेट में है. इस वायरस संक्रमण की मार सबसे ज्यादा महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पर पड़ी है. लगभग सभी राज्यों में लॉकडाउन है. सभी स्कूल-कॉलेज भी बंद हैं औऱ सभी परीक्षाएं एहतियातन रद्द की जा चुकी हैं.

ऐसे में हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने 10वीं की परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की थी. उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली सरकार के इस फैसले पर भारतीय जनता युवा मोर्चा ने मांग की है कि जब परीक्षाएं रद्द की जा चुकी हैं तो फिर छात्रों के परीक्षा शुल्क भी वापिस किए जाएं.

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महाराष्ट्र भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रांत पाटिल द्वारा ने कहा कि लगभग 17 लाख छात्रों को इस 10वीं यानी एसएससी बोर्ड परीक्षा के लिए बैठना था और प्रत्येक से उनसे 415 रुपये का परीक्षा शुल्क लिया गया था. इसके माध्यम से. राज्य सरकार द्वारा परीक्षा शुल्क के रूप में 68 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई है.

अगर सरकार परीक्षाएं नहीं कराती है तो आज छात्रों और अभिभावकों के मन में यह सवाल है कि छात्रों की परीक्षा फीस क्यों नहीं लौटाई जाती. राज्य सरकार को वास्तविक परीक्षा रद्द करने के निर्णय के साथ परीक्षा शुल्क वापस करने का निर्णय लेने की उम्मीद थी. लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं किया गया. सरकार छात्रों के पैसे में पारदर्शिता रखे और छात्रों को परीक्षा शुल्क तुरंत लौटाए.

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पाटिल ने कहा कि 10वीं एसएससी परीक्षा रद्द होने के बाद राज्य सरकार ने अभी तक स्पष्ट रूप से उस नीति की घोषणा नहीं की है जिसके आधार पर 11वीं कक्षा के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

इसलिए छात्रों और अभिभावकों के मन में बहुत भ्रम है. सरकार को इस संबंध में तुरंत अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए. इन मांगो को लेकर महाराष्ट्र भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष विक्रांत पाटिल ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ को एक मांग पत्र भी भेजा है.

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