लॉकडाउन बना रहा मानसिक बीमार, ऐसे करें बचाव

नई दिल्ली. देशभर में लॉकडाउन लागू है और इस महामारी के फैलने से लोगों में बहुत दहशत है. डॉक्टरों का कहना है, कि इस वायरस से बचने के लिए सामाजिक दूरी रखने की बहुत ही जरूरत है.

वहीं सामाजिक दूरी यानी सोशल डिस्टेंसिंग, आइसोलेशन व एकांत क्वॉरेंटाइन जब चुनी जाती है, तो हम मानसिक रूप से उसके लिए तैयार होते हैं. इसके बाद उसी प्रकार से अपने दिनचर्या में बदलाव आ जाता है, लेकिन जब से यह लॉकडाउन हुआ है, तब से कोई भी व्यक्ति कहीं भी नहीं जा पा रहा है और हर समय घर में रहना एक अलग ही बेचैनी का कारण बन जाता है.

ये बेचैनी अगर लंबे समय तक रहे तो इंसान को आगे डिप्रेशन में भी पहुंचा देता है. इससे कई तरह की दिक्कतें होती हैं. मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोग हमेशा शांति में रहना शुरू कर देते हैं. ऐसे लोग खुद से बात करते हैं और खुद को नुकसान भी पहुंचाते हैं.

इस समय अगर किसी को इसका संदेह हो जाए या कुछ लक्षण मिल जाए तो मानसिक स्थिति बहुत ही खराब हो सकती है. इस समय जिन लोगों का मानसिक संतुलन खराब है, उन्हें तनाव या चिंता में डालने वाली खबरों को बढ़ा चढ़ाकर ना बताएं.

  • अफवाह या गलत जानकारी ना फैलाएं और उनकी जरूरतों और भावनाओं का ख्याल रखें. जहां तक हो मनोरंजक और आरामदायक गतिविधियों में व्यस्त रहें और जो पहले संतुलन में ना हो उन लोगों को व्यायाम करने के लिए प्रेरित करें और कुछ नया करने के लिए दिमाग लगाएं और लगातार घर में रहने से मानसिक तनाव हो सकता है.
  • ऐसे में यदि आपके घर में ग्रीन एरिया हो तो वहां समय बिताएं. पेड़ों के आसपास समय बिताने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और यदि ऐसी जगह ना हो तो सुबह शाम छत पर जाकर ही टहलें.
  • आजकल प्रदूषण कम होने से आसमान साफ है. उसे देखें इस से एक सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी सूर्योदय व सूर्यास्त को देखें ध्यान व योगा भी करें.
  • अपनी कलात्मकता को भी निखारें जैसे डांस, संगीत, कुकिंग, पुस्तके पढ़े व डायरी लिखें.
  • आपस में अधिक जुड़ाव बनाने की कोशिश करें, जिससे मानसिक संतुलन बना रहेगा और व्यक्ति बिल्कुल स्वस्थ रहेगा.

Palak Saxena

Pursuing mass communciation from noida,film city. Aspiring content writer, Radio jockey and Singer

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