Koo ऐप क्या है; कौन से फीचर्स मिलेंगे, जानें पूरी डिटेल

ट्विटर के भारतीय वर्जन Koo इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए पिछले कुछ दिनों में ही कुछ जाने-माने लोगों ने फॉलो किया है. इनमें केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, पीयूष गोयल और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हैं. Koo की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे कारण है कि ट्विटर वर्तमान में भारत सरकार के साथ टकराव में लगा है. यह किसान आंदोलन से जुड़े अकाउंट्स को ब्लॉक और अनब्लॉक को लेकर है.

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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का Koo पर वेरिफाइड हैंडल फरवरी से मौजूद है. गोयल ने ट्विटर पर एलान किया कि वे भी इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं और अपने फॉलोअर्स से यहां आइडिया और विचारों को साझा करने के लिए कहा. चौहान ने भी ट्वीट करके कहा कि वे कू वेबसाइट पर मौजूद हैं. केवल मंत्री ही नहीं, विभाग जैसे टेलिकॉम, आईटी, इंडिया पोस्ट, MyGovIndia भी इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं. इशा फाउंडेशन के जग्गी वासूदेव, पूर्व क्रिकेटर श्रीनाथ और अनिल कुंबले ने भी इसे ज्वॉइन किया है.

Koo क्या है?

यह ट्विटर की तरह एक माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म है. यह एक वेबसाइट के तौर पर और iOS और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है. आप यहां सार्वजनिक तौर पर अपने विचारों को पोस्ट कर सकते हैं और दूसरे यूजर्स को फॉलो भी कर सकते हैं. एक फीड में दूसरे यूजर्स की पोस्ट दिखती हैं. यहां कैरेक्टर लिमिट 400 है. व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके कू के लिए साइन अप कर सकता है. यूजर्स के पास अपने फेसबुक, LinkedIn, यूट्यूब और ट्विटर फीड को भी कू प्रोफाइल से लिंक करने का विकल्प मौजूद रहता है.

व्यक्ति ऑडियो या वीडियो बेस्ड पोस्ट भी कर सकता है. कू ऐप से यूजर्स हैशटैग का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. ट्विटर की तरह, यूजर्स @ का इस्तेमाल करके दूसरे व्यक्ति को टैग कर सकते हैं. प्लेटफॉर्म पर पोल पोस्ट, फोटो और वीडियो शेयर करने का विकल्प भी मिलता है.

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Koo को किसने बनाया और विकसित किया है?

Koo को Bombinate टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड ने बनाया है, जो बेंगलुरू में आधारित निजी कंपनी है, जिसे 2015 में शुरू किया गया था. डिटेल के मुताबिक, कंपनी अन्य-कंप्यूटर संबंधित काम में शामिल है. उदाहरण के तौर पर, दूसरी कंपनियों की वेबसाइट का रखरखाव और उनके लिए मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन बनाना आदि.

Koo ने आत्मनिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज जीता था. यह उसने दूसरे भारत में बने ऐप्स जैसे Zoho और चिंगारी के साथ मिलकर जीता था. ऐप के को-फाउंडर और सीईओ Aprameya Radhakrishna हैं. ऐप के 30 लाख से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं.

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