डॉक्टर ने बताया कैसे पहनना है N 95 मास्क

नई दिल्ली. कोरोना वायरस से निपटने के लिए सबसे जरूरी है कि ऐहतियात बरती जाए. इसी के साथ सरकार व स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी किए जा रहे दिशा निर्देशों का पूरी तत्परता के साथ पालन किया जाए. ऐसा करने से कोरोना संक्रमण को हराने में मदद मिलेगी.

इन दिनों मास्क को इस्तेमाल करने की नसीहत सबसे अधिक दी जा रही है. मास्क का इस्तेमाल करना ही काफी नहीं है बल्कि इसका सही तरीके से उपयोग करना बहुत जरूरी है. आजकल मास्क भी फैशनेबल और डिजायनर रुप में मार्केट में मिलने लगे हैं. मगर डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए इस तरह के मास्क पर भरोसा नहीं किया जा सकता है.

इस संबंध में डॉ. विनय कुमार ने कहा कि मास्क का मुख्य काम लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाना है. मगर मार्केट में मिलने वाले फैशनेबल और कपड़े से बने मास्क इस काम के लिए उपयोगी नहीं है. ऐसे मास्क पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इस समय भारत में संक्रमण भयावह तरीके से फैल रहा है. इससे बचने के लिए जरूरी है की डबल मास्किंग की जाए.

अगर किसी को मार्केट जाना है तो दो मास्क लगाकर मार्केट जाए. इस स्थिति में अगर नीचे कपड़े वाला मास्क और उसके उपर सर्जिकल मास्क इस्तेमाल करते हैं तो भी परेशानी की बात नहीं है. मगर सिर्फ कपड़े वाले मास्क के भरोसे अपनी सेहत न छोड़ें. एहतियात के तौर पर दो मास्क का प्रयोग करें.

इतने घंटे करता है सर्जिकल मास्क काम

सर्जिकल मास्क वन टाइम यूज के लिए बहुत अच्छा मास्क है. ये किफायती होता है तो इसे एक बार के लिए खरीदना जेब पर भी भारी नहीं पड़ता. सर्जिकल मास्क को आमतौर पर आठ घंटे के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे अधिक इस्तेमाल करने पर ये अपने काम में कारगार नहीं होता.

कपड़ा वाले मास्क का प्रयोग भी करना है तो सर्जिकल मास्क के ऊपर प्रयोग कर सकते है. इतना ही नहीं कपड़े वाले मास्क को इस्तेमाल के बाद रोजाना साबुन के पानी से धोना जरूरी है. इसे बीना धोए इस्तेमाल करना बहुत रिस्की हो सकता है. वहीं कपड़े वाले मास्क के ऊपर सर्जिकल मास्क पहनना जरूरी है.

N 95 मास्क सबसे कारगर

रोजोना इस्तेमाल के लिए N 95 मास्क का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है. जिस मास्क का इस्तेमाल आज कर रहे हैं उसे 5वें दिन इस्तेमाल करें. इस बात का ख्याल रखें की N 95 मास्क को सेनेटाइज नहीं करना है. एक बार इस्तेमाल किया हुआ N 95 मास्क को सिर्फ चार बार इस्तेमाल कर सकते हैं.

कहीं भी आने जाने के लिए अपने पर्सनल वाहन का प्रयोग करें. अधिक से अधिक कोशिश करें कि पब्लिक जगहों से दूर रहें. अपने साथ सेनेटाइजर जरूर रखें. कहीं बाहर जाने पर मास्क, सेनेटाइजर का उपयोग करें. दो गज की दूरी भी बनाए रखें.

जांच कराने में न करें देरी

अगर कभी बुखार, बदन दर्द, पेट खराब, सर्दी, खांसी या सांस लेने में परेशानी हो तो बिना किसी देरी के जांच करवाएं. ये भी देखने में आया है कि कोरोना संक्रमण का इलाज जितनी जल्की शुरु करवाया जाता है उस मरीज की रिकवरी भी उतनी जल्दी हो सकती है. ऐसे में कोरोना संक्रमण के इस काल में खुद का और अपने परिवार का ख्याल रखना भी जरूरी है.

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