बाबा रामदेव पर चले देशद्रोह का मामला : आईएमए

नई दिल्ली. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इस पत्र में आईएमए ने मांग की है कि बाबा रामदेव के खिलाफ देशद्रोह का मामला चलाने की मांग की है. इस पत्र में आईएमए की तरफ से कहा गया की पतंजलि के मालिक योग गुरु बाबा रामदेव टीकाकरण अभियान को लेकर कई भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं. इसे रोका जाना चाहिए.

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बता दें कि इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. ये मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. वीडियो में बाबा रामदेव कथित तौर पर कहते दिख रहे हैं कि वैक्सीन के दोनों डोज लगाने के बाद भी डॉक्टर और आम जनता की जान जा रही है.

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आईएमए ने पीएम मोदी को लिखा है कि आईएमए लगातार 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण अभियान का प्रचार कर रहा है. भारत सरकार और मॉडर्न मेडिकल साइंस प्रैक्टिश्नर्स के जरिए भारत में लगभग 20 करोड़ लोग टीकाकरण करवा चुके हैं. भारत में जिस तेजी से लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है वो विश्व में सबसे तेज है.

टीकाकरण करवाने वालों को खतरा कम

आईएमए ने अपने पत्र में लिखा कि जिन्होंने वैक्सीन के दोनों डोज ले लिए हैं उन्हें कोरोना का खतरा कम है. ये बात साबित हो चुकी है कि वैक्सीन से कई लोगों की जान बच सकती है. वहीं देश में जिस तरह से मामलों में बढ़ोतरी देखी गई उसमें भी कमी आ सकती है. आईएमए के मुताबिक वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों में सिर्फ 0.06 प्रतिशत में कोरोना का हल्का संक्रमण देखा गया. वहीं फेंफड़ों का संक्रमण भी बहुत कम लोगों में देखने को मिला.

सरकार की गाइडलाइन का हो रहा पालन

इस पत्र में आईएमए ने बताया कि मॉडर्न मेडिकल साइंस के जरिए लाखों लोगों को उपचार आईसीएमआर और नेशनल टास्क फोर्स की बनाई गई गाइडलाइन्स के तहत किया जा रहा है. वहीं अगर कोई एलोपैथी को मौतों का कारण बताने का दावा कर रहा है तो वो सीधे तौर पर स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन्स को चुनौती दे रहा है.

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आईएमए ने लिखा की इस समय देश में कोरोना वायरस के कारण युद्ध की स्थिति बनी हुई है. इस दौरान हमारे डॉक्टर्स अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर मरीजों की जान बचाने में जुटे हुए है. हमने पहली वेव में 753 और दूसरी वेव में अबतक 513 डॉक्टर्स को खो दिया है. वहीं बाबा रामदेव द्वारा 10 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने के बाद मौत होने का दावा करना शर्मनाक है. ये कोरोना को रोकने के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों पर रोक लगाने का काम कर सकता है. बाबा रामदेव के बार बार आ रहे ऐसे निंदनीय बयानों पर रोक लगना जरूरी है.

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वो कभी एलोपैथी तो अब वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में भय पैदा कर रहे हैं. ऐसा करने के पीछे उनका निजी मकसद है. ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी बहुत जरूरी है. आईएमए ने बाबा रामदेव की ओर से आ रहे बयानों के खिलाफ इससे पहले उन्हें एक हजार करोड़ रुपयों का मानहानि का नोटिस भी जारी किया है.

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