आईआईएमसी के छात्रों का संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन, कैंपस खोलने की मांग

भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के हिन्दी पत्रकारिता, उर्दू पत्रकारिता, रेडियो और टेलीविजन विभाग के छात्रों ने कैंपस खुलवाने को लेकर संस्थान के परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को किए गए इस विरोध प्रद जिसमें अलग-अलग विभाग से करीब 30 छात्रों ने भाग लिया । साथ ही कई छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। प्रदर्शन के बावजूद संस्थान ने अभी तक अपने छात्रों से बात नहीं की है।

इस बीच छात्रों का कहना है कि वे बात करने को तैयार हैँ। छात्रों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने संस्थान के रवैये के खिलाफ हाथों में पोस्टर लेकर और नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर छात्रों ने कहा कि देश में बड़े स्तर पर चुनाव हो रहे हैं, रैलियों को संबोधित किया जा रहा है, लेकिन शैक्षणिक संस्थान से क्या परहेज है। छात्रों का कहना है कि उनका कोर्स केवल 9 महीने का होता है जिसमें से एक सेमेस्टर बीत चुका है, जबकि संस्थान ने वादा किया था कि अंतिम सेमेस्टर में ऑफलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। लेकिन संस्थान ने 30 मार्च से दूसरे सेमेस्टर की भी कक्षाएँ ऑनलाइन ही रखी  है।

इस बीच छात्रों का मानना है कि पत्रकारिता जो कि प्रैक्टिकल कोर्स है उसकी पढ़ाई ऑनलाइन संभव नहीं है। छात्रों ने कहा कि ऑनलाइन जितना पढ़ सकते थे, वे पढ़ चुके हैँ। इस बीच बहुत सी ऐसी प्रायोगिक कक्षाएँ हैँ जिसे सिर्फ ऑफलाइन ही सीखा जा सकता है। मगर संस्थान इस विषय में कोई ध्यान नहीं दे रहा। छात्रों ने बताया कि कई बार संस्थान से इस बारे में बात की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब मजबूरन उन्हें विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। छात्रों ने कहा कि अगर संस्थान तत्काल प्रभाव से उनकी मांगे नहीं पूरी करेगा तो वे अपना प्रदर्शन अनिश्चितकाल काल तक जारी रखेंगे।

छात्रों के प्रशासन के सामने अपनी निम्नलिखित मांगे रखी है:-

1.         पूरे कोरोना प्रोटोकॉल के साथ संस्थान प्रैक्टिकल क्लास जल्द से जल्द ऑफलाइन शुरू करें।

2.         पिछले सेमेस्टर में जो छात्र प्रैक्टिकल करने में असमर्थ रहे संस्थान उनके लिए प्रबंध करे।

3.         कोर्स को कुछ महीने के लिए बढ़ाया जाए।

4.         वर्तमान सेमेस्टर में जो विद्यार्थी कैंपस आकर लैब आदि का प्रयोग करना चाहते हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से इसकी अनुमति दी जाए।

5.         प्रथम सेमेस्टर में प्रायोगिक कक्षाएं न हो पाने के कारण, दूसरे सेमेस्टर में अधिक से अधिक प्रायोगिक कक्षाएं कराई जाएं। साथ ही सभी छात्रों को सीखने के लिए सभी उपकरण उपलब्ध कराया जाए। प्रत्येक छात्र को प्रायोगिक कक्षाओं में पर्याप्त समय दिया जाए।

6.         दूसरे सेमेस्टर की फीस माफ की जाए। क्योंकि ऑफलाइन की फीस वसूल कर ऑनलाइन नहीं पढ़ाया जाना चाहिए।

7.         जो छात्र दिल्ली से बाहर हैं और आने में असमर्थ है उनके लिए विशेष प्रबंध किए जाए।

8.         पुस्तकालय को पूरे सप्ताह छात्रों के लिए खोला जाए। छात्रों को पुस्तकालय में बैठ कर पढ़ने की अनुमति दी जाए।

9.         जिन छात्रों को फ्री-शिप अभी तक नही मिला है, उन सभी छात्रों को जल्द ही फ्री-शिप दिया जाए।

10.      चूंकि प्रथम सेमेस्टर में छात्र-छात्राओं ने कैंपस के किसी भी संसाधनों का प्रयोग नही किया है, जिस कारण प्रथम सेमेस्टर में ली गई आधी धनराशी दूसरे सेमेस्टर के फीस में समायोजित किया जाए।

11.      हॉस्टल आवंटन की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू किया जाए। साथ ही छात्र और छात्राओं दोनो को हॉस्टल मुहैया कराया जाए।

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