कोरोना काल में बच्चे को डायरिया-निमोनिया से बचाना है तो कराते रहें स्तनपान

पूरा देश इन दिनों कोरोना संक्रमण की मार झेल रहा है। आए दिन लगभग 3 लाख मामले सामने आ रहे हैं। इस संक्रमण काल में छोटे बच्चों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह रहे हैं कि बच्चों के नियमित टीकाकरण के साथ ही माता का नियमित स्तनपान भी बेहद है। इससे बच्चों के शरीर में रोग प्रतिरोधक (immunity boost) काफी मजबूत होती है।
बच्चे के सम्पूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास के लिए मां का दूध जरूरी है। मां के दूध के अलावा छ्ह महीने तक के बच्चे को ऊपर से पानी देने की भी जरूरत नहीं होती है क्योंकि मां के दूध में शिशु के लिए आवश्यक पानी की मात्रा मौजूद रहता है। स्तनपान कराने से बच्चे में मां के प्रति भावनात्मक लगाव पैदा होता है और उसे यह सुरक्षा का बोध भी कराता है।

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निमोनिया-डायरिया से है बचाना तो कराते रहें स्तनपान

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कोरोना काल में बच्चों को डायरिया व निमोनिया से बचाव बहुत जरूरी है। इन बीमारियों से बचाव के लिए स्तनपान बहुत ही कारगर है। मां के दूध की महत्ता को समझते हुए हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि जन्म के तुरंत बाद कंगारू मदर केयर तकनीक अपनाते हुए बच्चे को मां की छाती पर रखकर स्तनपान की शुरुआत लेबर रूम के अंदर से ही करें। बच्चे को 6 माह तक लगातार केवल मां का ही दूध दिया जाना चाहिए।

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एक्सपर्ट्स के मुताबिक बच्चे को हर डेढ़ से दो घंटे में भूख लगती है। इसलिए बच्चे को जितना अधिक बार संभव हो सके मां का दूध पिलाते रहना चाहिए। मां का शुरुआती दूध कम होता है लेकिन वह बच्चे के लिए पूर्ण होता है। अधिकतर महिलाएं यह सोचती हैं कि उनका दूध बच्चे के लिए पूरा नहीं पड़ रहा है और वह बाहरी दूध देना शुरू कर देती हैं जो कि एक भ्रांति के सिवा और कुछ भी नहीं है। मां के दूध में भरपूर पानी और पोषक तत्व होते हैं इसलिए बच्चे को बाहर का कुछ देने की जरूरत नहीं होती।

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