डॉक्टर ने बताया कोरोना से बच्चों को है कैसे खतरा

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का कहर अब भी जारी है. इस लहर की चपेट में बच्चे भी आ रहे हैं. वैसे तो अधिकतर राज्यों में लॉकडाउन लगा हुआ है मगर इसके बाद भी कोरोना संक्रमण का शिकार अब बच्चे भी होने लगे हैं. वैसे विशेषज्ञों की ओर से चेतावनी दी गई थी कि कोरोना की तीसरी लहर का असर बच्चों पर होगा.

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बच्चों में हो सकते हैं ये लक्षण

वहीं संक्रमण को लेकर डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों में कोरोना वायरस के कई अजीब लक्षण देखने को मिल रहे हैं. इसमें खासतौर से 10 साल के बच्चों में लक्षण दिख रहे हैं. इनमें गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मामले दिख रहे हैं. कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जब बच्चों की स्किन पर चकत्ते उभरते हैं या किसी तरह का त्वचा रोग हो जाता है. इसके अलावा खांसी, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत, थकान, गले में खराश, दस्त, स्वाद गायब होना, मांसपेशियों में दर्द होना आदि लक्षण आम है.

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ये हैं माइल्ड लक्षण

सफदरजंग अस्पताल की पीड्रियाटिक्स डॉ. नेहा गोयल के मुताबिक बच्चों में कोरोना संक्रमण के कई मामले देखने को मिल रहे हैं. बच्चों में अभी काफी माइल्ड लक्षण देखे जा रहे हैं. अगर किसी स्वस्थ्य बच्चे को कोरोना संक्रमण हुआ है तो वो जल्दी ठीक हो जाता है. अधिकतर मामलों में बच्चों में लक्षण नहीं के बराबर दिख रहे हैं. ऐसे में पैरेंट्स को अधिक सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि लक्षण नहीं दिख रहे.

इनको है अधिक रिस्क

भारत सरकार की ओर से किए गए ट्वीट में भी कोरोना संक्रमण और बच्चों को लेकर कई जानकारी दी गई है. अगर किसी बच्चे को किडनी, कैंसर, शुगर, फेंफड़ों की समस्या, हार्ट डिजीज, क्रॉनिक ऑर्गन डिस्फंक्शन आदि कोई बीमारी पहले से है तो उन्हें कोरोना संक्रमण का अधिक खतरा है. इन्हें डॉक्टर की केयर की जरुरत होती है. वहीं अगर घर में कोई कोरोना पॉजिटिव पाया गया है तो भी बच्चों में कोरोना संक्रमण का खतरा अधिक बढ़ जाता है. हालांकि बच्चों का इलाज घर पर होम आइसोलेशन के जरिए भी किया जा सकता है.

ऐसे बरतें ऐहतियात

बच्चों को कोरोना संक्रमण होने पर घबराए नहीं. बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह से उन्हें दवाई दें. डॉक्टर से पूछे बिना किसी तरह की कोई दवाई बच्चों को न दें. ऐसा करने से तबियत बिगड़ने का खतरा अधिक होता है. इसके अलावा गले में खराश होने पर गर्म पानी पिलाएं और गर्रारे करवाएं. इसी के साथ बच्चों को पोषक तत्वों से भरपूर हैल्दी डाइट जरुर दें. इम्यूनिटी बढ़ाने पर भी ध्यान दें.

दिल्ली में दो बच्चों की गई जान

कोरोना संक्रमण के कारण दिल्ली में दो बच्चों की जान जा चुकी है. इसमें एक की उम्र पांच साल और दूसरे की उम्र नौ साल बताई गई है. दरअसल पांच वर्षीय परी को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. परी अस्पताल में छह दिन तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रही. मगर बीते बुधवार को उसकी मौत हो गई. वहीं नौ वर्षीय क्रिशु भी कोरोना संक्रमण को हरा नहीं सका. बुधवार को अचानक उसकी तबियत खराब हुई. उसे भी जीटीबी में ही भर्ती कराया गया. यहां अगले ही दिन उसकी मौत हो गई.

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वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अस्पताल प्रशासन की मानें तो दोनों ही बच्चों में ऑक्सीजन लेवल 30 से भी नीचे था. ये स्थिति बहुत गंभीर होती है. ऑक्सीजन लेवल कम होने के साथ ही दोनों के लंग्स में इंफेक्शन भी बहुत अधिक था. ऐसे में दोनों ही कोरोना के सामने जिंदगी की जंग को हार गए.

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