निगम की संपत्ति बेचकर दिया जाएगा वेतन

नई दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्तरी दिल्ली नगर निगम की चल और अचल संपत्ति का ब्यौरा मांगा है. इस संपत्ति को बेचकर अब निगम के शिक्षकों के वेतन का भुगतान किया जाएगा. इसी कड़ी में अब निगम को एक जुलाई तक उच्च न्यायालय में अपनी संपत्ति का ब्यौरा जमा करना है.

मुसीबत, बिना पहचान पत्र कैसे काम करें शिक्षक

दरअसल वेतन के मामले पर अखिल दिल्ली प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा लगाई गई याचिका पर उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान उत्तरी निगम के अधिवक्ता ने बताया कि वो पैसों की तंगी के कारण वेतन और पेंशन का भुगतान नहीं कर सके. उन्होंने कोर्ट को बताया कि उत्तरी निगम ने उप राज्यपाल अनिल बैजल से मांग की है कि तीनों निगमों के एकीकरण की प्रक्रिया शुरु की जाए.

निगम का फरमान, शिक्षक और छात्र परेशान

निगमों का एकीकरण होने से उत्तरी निगम में आर्थिक परेशानी दूर हो जाएगी. इससे उत्तरी निगम पेंशन और वेतन का समय पर भुगतान कर सकेगा. उन्होंने कोर्ट को बताया कि निगम ने केंद्र सरकार से भी आर्थिक सहायता मांगी है. हालांकि केंद्र सरकार से अबतक कोई जवाब नहीं मिला है.

वेतन कर्मचारी का अधिकार

इस सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि वेतन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है. पैसों की तंगी का बहाना बनाकर कर्मचारियों का अधिकार उनसे छिना नहीं जा सकता है. न्यायालय ने इस संबंध में निगम की सभी अचल और चल संपत्ति का ब्यौरा मांगा है. निगम को संपत्ति का ब्यौरा एक जुलाई तक कोर्ट को बताना होगा.

शिक्षकों का ऐलान, अपने वेतन से जमा करेंगे मुआवजा राशि

कोर्ट को ये भी बताया गया कि निगम अपने खर्चे कम कर रहा है ताकि कर्मचारियों को उनका वेतन समय पर भुगतान कर सके. न्यायालय ने सुझाव देते हुए कहा कि जबतक सभी कर्मचारियों को पूरा वेतन नहीं मिलता उच्च अधिकारियों को 50 प्रतिशत वेतन पर काम करना चाहिए.

शिक्षकों में जागी उम्मीद

न्यायालय के इस फैसले के बाद संघ के अध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने न्यायालय का धन्यवाद देते हुए कहा कि अब न्याय की उम्मीद जागी है. न्यायालय में मामला आने के बाद लगता है कि हमें वेतन समय पर जरूर मिलेगा. न्यायालय ने शिक्षकों को राहत दी है.

The Depth

TheDepth is India's own unbiased digital news website.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: