सुंदरता में चार चांद लगता है पपीता

सुंदर दिखने की ख्वाहिश में लोग ना जाने क्या क्या जतन करते हैं। बाजार में मिलने वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स को आजमाते हैं लेकिन फिर भी निखार नहीं आता और चेहरा बेजान सा लगने लगता है। पपीता एक ऐसा फल है। जो कच्ची अवस्था में यह हरे रंग का होता है और पकने के बाद पीले रंग का हो जाता है। इसके कच्चे और पके फल दोनों ही उपयोग में आते हैं। कच्चे फलों की सब्जी बनती है। इन कारणों से घर के पास लगाने के लिए यह बहुत उत्तम फल माना जाता है।

पपीता खाने में बहुत टेस्टी फल है इस में औषधीय गुणों की भरमार होती है। पपीता को कोस्टारिका और मैक्सिको के मूल निवासी माना जाता है और इस का पेड स्वास्थ्य के लिए लाभदायक कहा जाता है। गर्मी के सीजन में पपीते का गूदा का पेस्ट बनाकर मुंह पर मलें। इसके थोडी देर बाद छुडाकर मुंह धो लें। इससे चेहरे पर निखार तथा गोरापन आ जाएगा। पपीते का असीम तत्व चेहरे की मुलायम त्वचा को स्वच्छा कर देता है।

पेट की तमाम बीमारियों में कच्चा तथा पका दोनों प्रकार का पपीता काम में लाया जाता है। पेट की खराबी, भोजन न पचना, अजीर्ण, कब्ज, उदरशूल आदि में कच्चे पपीते का रस पेप्सीन, प्रयोग किया जाता है। पपीते का रस पीने से भी पेट के रोग दूर हो जाते हैं। पपीते का पानी शरीर के रूप रंग को निखारता है। किशोरियों तथा युवतियों को पपीते के टुकडे को पानी में डालकर स्नान करना चाहिए।

अगर स्नान के तुरन्त बाद पपीते का शरबत पी लें तो यह आंतों की गर्मी को ठीक करता है और पाचन-क्रिया को बढाता है। पपीता देखने में जितना सुंदर होता है उतनी ही खाने में स्वादिष्ट। पपीते में नैचुरल गुण होने के वजह से यह हेल्थ के लिए बेहत फायदेमंद होता है। डायबिटीज के रोगी के लिए पपीता बहुत लाभदायक है। पपीते में कैरोटीन, विटामिन सी और पोटेशियम, मैग्नीशियम साथ ही आहार फाइबर के रूप में विटामिन बी आदि शामिल होते हैं।

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