कोरोना की गुजरात में तस्वीर आई सामने, आंकड़ों से पता चला सच

नई दिल्ली. भारत में COVID-19 की वजह से होने वाली मौतों के आधिकारिक आंकड़ों पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. सवाल उठना भी लाजिमी है क्योंकि अकेले गुजरात सरकार ने ही बीते 71 दिनों में 1 लाख 23 हजार मृत्यु प्रमाण पत्र (डेथ सर्टिफिकेट) जारी किए हैं. लेकिन इनमें से सिर्फ 4218 लोगो की मौत के पीछे कोरोना को वजह बताया गया है.  

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आंकड़ों की मानें तो प्रधानमंत्री के गृह राज्य में साल 2020 में 1 मार्च से 10 मई तक 58 हजार डेथ सर्टिफिकेट जारी किए गए थे. जबकि 2021 में 71 दिन में 1.23 लाख डेथ सर्टिफिकेट जारी हुए. जबकि सूरत में बीते साल 2769 मामले देखने को मिले और इस बार 8851 लोगों की मौत हो गई. इन दिनों में सरकारी आंकड़े के हिसाब से 4218 लोगों की मौत COVID-19 से हुई. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अचानक इतनी बड़ी संख्या में बाकी मौतें कैसे हो गईं?

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आंकड़ों के खेलने में अकेले गुजरात सरकार ही अव्वल नहीं है. इनमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों का भी नाम सामने आ रहा है जो कोरोना से हो रही मौतों के आंकड़ों को सही तौर पर जारी करने में आनाकानी कर रहे हैं.

आंकड़े में गड़बड़ी की आशंका

बात करें गुजरात की तो सरकार के मुताबिक 1.23 लाख लोगों में से केवल 4218 की ही कोरोना से मौत हुई है. अहमदाबाद में भी कोरोना वायरस संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है. यहां हालात बहुत खराब हो चुके हैं. अस्पताल के बाहर मरीजों से लेकर एम्बुलेंस तक की लंबी कतारें खड़ी हैं. आंकड़ों की मानें तो बीते 10 दिनों में काफी उछाल देखने को मिला है.

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यहां सबसे अधिक मौतें भी अहमदाबाद में हुई है. सिर्फ अहमदाबाद में ही 13,593 मौते हुई हैं. इस साल लॉकडाउन के दौरान सरकार ने 58 हजार से अधिक मृत्यु प्रमाण पत्र बांटे हैं. जबकि बीते साल इस दौरान सिर्फ आधी संख्या में मौतें हुई थी. यानी इस बार आंकड़ा दोगुना हो चुका है.

राज्य सरकार सिर्फ आंकड़ों को छिपाने का काम कर रही है. राज्य में जमीनी स्तर पर हालात बहुत खराब हो चुके हैं. सरकार की सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा चुकी है. मगर उन्हें जनता की कोई सुध नहीं है. सरकार को सिर्फ आंकड़े छिपा कर झूठ बताना है. – परेश धनानी, नेता विपक्ष, गुजरात विधानसभा

18 मई तक है लॉकडाउन

गुजरात में कोरोना तेजी से अपने कदम बढाए जा रहा था. उसे देखते हुए राज्य में 18 मई तक के लिए नाइट कर्फ्यू समेत कई पाबंदियां लगाई गई हैं. राज्य के 36 शहरों में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाया गया है. वहीं दिन में भी कई तरह की पाबंदियां सरकार द्वारा लगाई गई है. जरुरी सेवाओं को छोड़कर कोई अन्य दुकान खोलने की अनुमति अभी नहीं मिल रही है.

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बता दें कि भारत में महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और गुजरात में ही कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. नए मामलों का लगाता आना अभी जारी है. लॉकडाउन के बाद आंकड़ों में मामूली कमी देखने को आई है.

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