जज साहब को भारी पड़ा रिश्वत मांगना, कोर्ट ने दी 5 साल की सजा, भरना होगा 75 हजार जुर्माना

दिल्ली के एक पूर्व विशेष मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को 5 साल की जेल की सजा और 75,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है. ये सजा सीबीआई की एक विशेष कोर्ट ने सुनाई है. कोर्ट ने ये सजा आपराधिक दुराचार और रिश्वत मांगने के आरोप में दोषी पाए जाने पर लगाई है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 19 नवंबर को विशेष सीबीआई जज संतोष स्नेही मान ने सजा सुनाते हुए कहा कि साल 2015 में जब मध्य जोन के विशेष मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आरपी भाटिया ने अपराध किया था तब उनकी उम्र 65 साल थी. जज ने अपने फैसले में कहा कि अगर दोषी को पर्याप्त सजा नहीं दी जाती है तो लोगों को कोर्ट से भरोसा उठ जाएगा.

साथ ही आगे कहा कि अपराध करते समय आरपी भाटिया एक परिपक्व व्यक्ति थे और वो सरकारी संस्थान योजना आयोग में भी काम कर चुके थे, इसलिए उनसे एक अच्छे व्यवहार की उम्मीद की जाती है. वहीं जब भाटिया के वकीलों ने उनकी उम्र की वजह से कोर्ट में पैरवी की, तो जज ने कहा कि उनके दिमाग में भी इस मामले में गंभीर परिस्थितियां दोषी की उम्र और पृष्ठभूमि थी.

जज ने कहा कि सजा में किसी भी तरह की कमी को गलत सहानुभूति के तौर से देखा जाएगा और ये आम आदमी की नजर में कानून के शासन को कमजोर करेगाा. इससे पहले 6 नवंबर को कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था.

बता दें कि 18 अगस्त को सीबीआई ने एमसीडी के विशेष मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट आरपी भाटिया को लाजपत नगर में एक दुकानदार से 25,000 रुपए की रिश्वत लेने के आरोप पर गिरफ्तार किया था. सीबीआई के मुताबिक मजिस्ट्रेट ने 10 अगस्त को जांच के दौरान अलकनंदा बाजार में एक दुकानदार का चालान किया.

बाद में मामले को निपटाने के लिए उन्होंन दुकानदार से 60,000 रुपए की रिश्वत मांगी. लेकिन बाद में दुकानदार मामले को खत्म करने के लिए 25,000 रुपए की रिश्वत देने को राजी हो गया. जैसे ही दुकानदार ने मजिस्ट्रेट को 25,000 रुपए दिए, तभी सीबीआई ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

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