स्थगित की जाए इंजीनियरिंग सर्विस एग्जाम, एसोसिएशन की मांग

नई दिल्ली. इंजीनियरिंग सर्विस में सेवा देने के इच्छुक अभ्यार्थियों ने सरकार और यूपीएससी से गुजारिश की है कि आगामी जुलाई में होने जा रही परीक्षा को स्थगित किया जाए. अभ्यार्थी कोरोना संक्रमण के कारण इस समय परीक्षा लिए जाने का विरोध कर रहे है.

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दरअसल कुछ समय पहले ही में इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा के लिए तिथि की घोषणा की गई है. आगामी 18 जुलाई को यूपीएससी की परीक्षा का आयोजन किया जाना है. इंजीनियरिंग सेवाओं की परीक्षा स्थगित करने के लिए अभ्यार्थी लगातार आवाज उठा रहे है.

इससे पहले भी अभ्यार्थी ESE पोस्टपोन कराने की मांग कर चुके है. ट्वीटर पर ESE पोस्टपोन कराने के लिए 10 हजार से अधिक ट्वीट किए गए थे. इसके बाद भी सरकारी अधिकारियों ने अभ्यार्थियों की मांग पर गौर न करते हुए उनकी उपेक्षा की. इस संबंध में ग्रेजुएट इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन इंजीनियर दीपक ने बताया कि इस महामारी में किसी भी अभ्यार्थी के लिए परीक्षा देना जान जोखिम में डालना है.

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कोरोना की दूसरी लहर से देश में बहुत लोगों की जान गई है. कई लोग अब भी कोरोना संक्रमित है. ऐसे समय में परीक्षाएं आयोजित करवाना खतरे से खाली नहीं है. वहीं देश के विशेषज्ञों का यहां तक कहना है कि देश में तीसरी लहर आने की संभावना भी बनी हुई है. ऐसे कठिन समय में यूपीएससी द्वारा परीक्षा आयोजित करने का निर्णय सही नहीं है.

ऐसे में अभ्यार्थियों की जान को जोखिम रहेगा. गौरतलब है कि इस परीक्षा के आयोजन के लिए परीक्षा केंद्र की संख्या भी सीमित है. कई अभ्यार्थियों को परीक्षा केंद्र जाने के लिए लंबी दूरी भी तय करनी पड़ती है. यहां तक की एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है. वहीं परीक्षा की अवधि भी कुल सात घंटे की होती है.

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ऐसे में लंबे समय तक इतने अभ्यार्थियों से घिरे रहना भी स्वास्थ्य के लिए खतरा साबित हो सकता है. ऐसे कई अहम मुद्दों को देखते हुए ये मांग की गई है कि अभ्यार्थियों के स्वास्थ्य की चिंता के मद्देनजर परीक्षा को कुछ समय के लिए स्थगित किया जाए.

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