कोविड ड्यूटी से परेशान हुए शिक्षक, रिलीव की मांग

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. संक्रमण के इस काल में कई लोग हैं जो लगातार काम कर रहे हैं. निगम के शिक्षक हैं जो बिना किसी छुट्टी के लगातार काम कर रहे हैं. इतना ही नहीं इस दौरान काम करते हुए कई शिक्षक कोरोना संक्रमित हुए और अपनी जान भी गंवाई.

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वहीं निगम के शिक्षक नवंबर से लगातार कोविड ड्यूटी कर रहे हैं. इस दौरान ड्यूटी करते करते कई शिक्षक न सिर्फ कोरोना संक्रमित हुए बल्कि कुछ को अपनी जान भी गंवानी पड़ी. शिक्षकों द्वारा लगातार की जा रही कोविड ड्यूटी को लेकर अब नगर निगम शिक्षक संघ में आवाज उठाई है. संघ ने निगम आयुक्त को पत्र लिखकर मांग की है कि शिक्षकों को कोरोना ड्यूटी से रिलीव किया जाए.

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इस संबंध में नगर निगम शिक्षक संघ की वरिष्ठ उप प्रधान विभा सिंह व अन्य पदाधिकारियों ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त को ईमेल के जरिए पत्र लिखा है. इस पत्र में मांग की गई है कि बीते मार्च से कई शिक्षक लगातार कोविड ड्यूटी पर हैं. कोविड ड्यूटी कर रहे शिक्षकों को तुरंत रिलीव किया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि संघ ने इस पत्र के जरिए आयुक्त का ध्यान आकर्षित किया है कि पूर्वी दिल्ली नगर निगम में हजारों शिक्षक ऐसे हैं जो एसडीएम के अंडर कार्य करते हुए कोविड ड्यूटी का निर्वहन कर रहे हैं.

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इन शिक्षकों को कोविड प्रोटोकॉल के तहत न ही किसी तरह का रेस्ट दिया जाता है और इतने महीनों की ड्यूटी के बाद भी उन्हें रिलीव नहीं किया जा रहा जो नियमों को विरूद्ध है. शिक्षकों की ड्यूटी एक स्थान से बदलकर दूसरे स्थान पर लगा दी जाती है.

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उपाध्यक्ष का कहना है कि शिक्षकों को 15 दिन में रेस्ट देने की सुविधा भी नहीं है. कई महीनों से लगातार काम करवाना शिक्षकों का शोषण करने के बराबर है. यहां तक की निगम शिक्षकों से ही कोविड मुर्दाघर में भी ड्यूटी करवाई जा रही है. यहां शिक्षकों को कोविड के मृतकों के शवों की देखभाल करने का काम सौंपा गया है.

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लगातार इस तरह काम करते हुए शिक्षक व उनके परिवार के सदस्य मानसिक व शारीरिक त्रासदी से गुजर रहे हैं. ऐसे में संघ का अनुरोध है कि शिक्षकों को कोविड ड्यूटी से कार्यमुक्त कर उन्हें रेस्ट दिया जाए. साथ ही उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटीन होने के आदेश भी दिए जाएं ताकि ये अपने स्वास्थ्य की देखरेख भी कर सकें.

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