स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने दूर किए जनता के कोरोना संबंधित मिथ्य

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण के इस दौर में कई तरह की बातें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इनमें से कुछ सच है तो कुछ मात्र झूठ. मगर सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण लोग इन्हें सच मान लेते है. ऐसी ही कई मिथ्यों पर स्वास्थय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट कर जनता की परेशानी दूर की है.

उन्होंने ट्वीट के जरिए लोगों से अपील की है कि वो इधर उधर की बातें में विश्वास न करें. डॉक्टर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ही कोई भी दवाई का सेवन करें. सोशल मीडिया पर वायरल मैसेजों पर आंख बंद कर भरोसा न करें. मैसेज में दिए गए तथ्यों की जांच पड़ताल के बाद ही उनका पालन करें. अगर खुद में या परिवार में किसी को कोरोना के लक्षण दिखाई दें तो उन्हें नजरअंदाज किए बिना कोरोना संक्रमण का टेस्ट कराएं और उसके बाद इलाज शुरु करें.

इन दिनों सोशल मीडिया पर एक मैसेज वायरल हो रहा है जिसमें कहा गया कि 10 सेकेंड में सांस रोक कर अगर आप आराम से रह सकते हैं तो आपको कोरोना संक्रमण नहीं है. डॉ. हर्षवर्धन ने ट्वीट के जरिए इस मैसेज को फेक बताया है. उन्होंने ट्वीट किया कि कोरोना संक्रमण है या नहीं ये पता करने का ये कारगर तरीका नहीं है. कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए जरूरी है कि अपना टेस्ट कराएं.

इसके अलावा एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कोरोना के लिए दी जाने वाली दवाई रेमडेसिविर के बारे में बताया है. दरअसल ये कहा जा रहा है कि जो भी कोरोना संक्रमित हैं वो डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बिना भी रेमडेसिविर दवाई का सेवन कर सकते हैं. मगर ये सच्चाई नहीं है. स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट किया कि रेमडेसिविर सिर्फ कुछ ही मरीजों को दिए जाने की जरूरत है. जो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं या जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत है सिर्फ उन मरीजों को डॉक्ट के कहने पर रेमडेसिविर दवाई का सेवन करना है. ये दवाई डॉक्टर की देखरेख में ही मरीज को दी जा सकती है.

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