Indian Medical Service बनाए जाने की मांग हुई तेज

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण वायरस जब से फैला है तो डॉक्टरों ने मरीजों की जान बचाने के लिए मोर्चा संभाला हुआ है. इसी बीच सोशल मीडिया Indianmedicalservices भी ट्रेंड हो रहा है. दरअसल सोशल मीडिया में डॉक्टर्स ने ट्रेंड किया है.

डॉक्टर्स मांग कर रहे हैं कि मेडिकल सर्विस के एडमिनिस्ट्रेशन का काम अब डॉक्टर्स को ही सौंप देना चाहिए. दरअसल हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन को ही हॉस्पिटल स्टाफ, मेडिकल इक्वीपमेंट आदि की जानकारी होती है. ऐसे में एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा आदेश मिलना और उसे लागू कर काम करना अस्पताल व डॉक्टरों के लिए मुश्किल भरा काम हो रहा है.

क्या है इंडियन मेडिकल सर्विस

इंडियन मेडिकल सर्विस के तहत आईएएस और आईपीएस की तरह ही एक अलग कैडर बनाए जाने की मांग की जा रही है. इंडियन मेडिकल सर्विस के बनने से देश में मेडिकल संबंधित पॉलिसी बनाने का अधिकार भी इंडियन मेडिकल सर्विस के अधिकारियों के पास ही होगा. इस सर्विस में मेडिकल फील्ड के लोगों को ही शामिल किया जाएगा.

इस सर्विस का सबसे अधिक लाभ होगा कि मेडिकल फील्ड में मिलने वाली सुविधाओं या यहां महसूस हो रही परेशानियों के बीच जनता और मरीजों को अधिक से अधिक इलाज व सुविधाएं मुहैया करवाई जाएं.

क्यों महसूस हुई जरुरत

इस संबंध में हमने बात की फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश बागड़ी से. उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण महामारी के कारण डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ पर सबसे अधिक असर हुआ है. फ्रंटलाइन में खड़े होकर काम कर रहे डॉक्टर्स व अन्य वर्कर्स को कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं. इस सबके बावजूद मरीजों का इलाज करना ही सर्वप्रथम प्राथमिकता बनी हुई है. ऐसे में हमारी परेशानियों और समस्याओं को न समझते हुए व हमारे संसाधनों के बारे में न जानते हुए नॉन मेडिकल फील्ड के अधिकारियों द्वारा हमें पॉलिसी दी जाएगी तो इससे बहुत नुकसान उठाने पड़ेंगे.

डॉक्टर्स का कहना है भारत में हेल्थ टीम की बागडोर भी डॉक्टर की गजह ब्यूरोक्रेट्स को सौंपी गई है. मेडिकल की पढ़ाई करने वाला और जमीनीस्तर पर बरसों का अनुभव करने वाले डॉक्टर की बजाय किसी अनुभवहीन और तकनीकी रुप से अज्ञानी व्यक्ति यानी हमारे ब्यूरोक्रेट्स को स्वास्थ्य विभाग की दशा और दिशा निर्धारित करना बहुत गलत है.

कोरोना महामारी के समय में अगर ये बागडोर मेडिकल फील्ड से जूड़े व्यक्तियों के हाथ में होती तो हालात इतने भयावह नहीं होते. ऐसे में कोरोना को अधिक भयावह होने से रोकने के लिए जरुरी है कि इंडियन मेडिकल सर्विस को बनाया जाए ताकि आने वाले समय में इस अनुभवहीनता और अज्ञानता का अधिक भयावह परिणाम न देखने को मिले.

सालों से है मांग

इंडियन मेडिकल सर्विस बनाए जाने की मांग सालों से उठाई जा रही है. इस कोरोना संक्रमण के मौके पर इसे बनाए जाने की मांग दोबारा उठने लगी है. हाल ही में इस संबंध में फाइमा डॉक्टर्स एसोसिएशन ने ट्वीटर पर #indianmedicalservices ट्रेंड चलाकर इसकी मांग उठाई है.

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