‘ऑक्‍सीजन या दवाओं की पोस्‍ट करने वालों पर ना करें कार्रवाई’: SC

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कोरोना मामले में सुनवाई शुरू हुई जिसमें जस्टिस चंद्रचूड़ ने बताया कि उन्होंने केंद्र सरकार की ओर जारी हरफनामा पढ़ लिया है. कोर्ट ने सरकार से सवाल किया है कि आखिर कोरोना वैक्सीन की कीमत में अंतर क्यों हैं और जो लोग पढ़ लिख नहीं सकते हैं वो कोविन पर वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करवा सकते हैं।

यही नहीं कोर्ट ने अपने अहम आदेश में ये भी कहा है कि वो सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन, बेड, दवाओं की पोस्ट करने वालों पर एक्शन नहीं लिया जाएगा।

कोर्ट ने कहा कि केंद्र, राज्यों और डीजीपी को स्पष्ट रूप से कहा कि अगर अफवाह फैलाने के नाम पर कार्यवाही की तो अवमानना का मामला चलाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि जरूरी दवाओं का उत्पादन और वितरण सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रहा?

केंद्र ने हलफनामे में कहा है कि हर महीने औसतन एक करोड़ तीन लाख रेमडेसिविर उत्पादन करने की क्षमता है, लेकिन सरकार ने मांग और सप्लाई की जानकारी नहीं दी है.

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