अब साइकेट्रिस्ट देंगे फ्रंटलाइन वर्कर्स को सेवाएं, शुरु हुई टेली सेवा

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण काल में डॉक्टर्स फ्रंट वॉरियर के तौर पर मरीजों की सेवा करने में जुटे हुए हैं. साल भर से भी अधिक समय बीतने के बाद भी कोरोना संक्रमण से भारत को छुटकारा नहीं मिला है. वहीं, इन दिनों कोरोना संक्रमण का नया वेरिएंट आया है जिसके चलते कोरोना संक्रमण के मामलों में बहुत वृद्धि देखने को मिल रही है.

कोरोना संक्रमण इस कदर फैला हुआ है कि अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की भारी कमी हो गई है. वहीं मरीजों की देखभाल करने के लिए भी कई डॉक्टर तय ड्यूटी से अतिरिक्त समय देकर ड्यूटी कर रहे हैं. लगातार ड्यूटी और आए दिन कोरोना वायरस के चलते हो रही मौतों को देखने से डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है. डॉक्टरों व अन्य फ्रंट लाइन वर्कर्स की इस परेशानी को समझते हुए अब इनके लिए साइकेट्रिस्ट सेवा की शुरुआत की गई है.

बिहार में डॉक्टरों की हो रही कमी, नई नियुक्तियों के लिए URDA ने उठाई मांग

इस संबंध में The Depth News ने बात की मानव व्यवहार एवं सम्बद्ध विज्ञान संस्थान (IHBAS) के डायरेक्टर डॉ. निमेश देसाई से. उन्होंने बताया कि हेल्थ केयर वर्कर्स हो या कोई भी फ्रंट लाइन वर्कर्स उनके लिए टेली सुविधा की शुरुआत की गई है. इस सेवा को ”समर्थन” का नाम दिया गया है. हमारी कोशिश है कि हमारे समर्थ साथियों को हो रही परेशानी को दूर कर उन्हें अधिक सक्षम और समर्थ बनाएं.

इस समर्थन टेली काउंसलिंग सुविधा में शहर के सीनियर साइकेट्रिस्ट जुडे़ंगे. ये सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स को सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक टेलीफोन पर काउंसलिंग प्रदान करेंगे. हम जानते हैं कि इस समय डॉक्टर व अन्य मेडिकल स्टाफ बहुत अधिक काम के दबाव से जूझ रहे हैं. कई बार काम के घंटे बढ़ जाते हैं तो कुछ वर्कर्स कई दिनों तक घर पर नहीं जा पाते. कोविड के डर से भी मेडिकल स्टाफ जूझ रहा है. वहीं, दूसरी ओर जितनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण के कारण मौतों का सिलसिला चल रहा है वो भी डॉक्टर्स को विचलित कर रहा है.

किन्नरों की जान की नहीं कोई कीमत? वैक्सीन का इंतजार

डॉक्टर्स में भी है झिझक

डॉ. निमेश देसाई ने बताया कि मानसिक परेशानियों पर बात करने से आम व्यक्ति झिझकता है. मगर यही समस्या हम डॉक्टर्स में भी देखते हैं. ये सुविधा डॉक्टर्स व अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए बीते एक साल से जारी है मगर हमें इस पर बहुत अधिक कॉल नहीं आए हैं. ऐसे में हमारी कोशिश है कि हम सभी को समझा पाएं कि मानसिक परेशानी, स्ट्रेस या टेंशन का जिक्र करने में झिझक नहीं होनी चाहिए. इन परेशानियों को लेकर भी व्यक्ति को खुलकर सामने आने की जरुरत है. इन परेशानियों का हल तभी मिलेगा जब हम इन्हें अपनाना शुरु करेंगे.

कोरोना संकट में एड्स के इलाज में पिछड़ी दुनिया, WHO ने कहा 2030 तक खत्म करना संभव नहीं

इन नंबरों पर कर सकते हैं कॉल

फ्रंट लाइन वर्कर्स साइकेट्रिस्ट को कॉल करने के लिए 98683-96859 या 98683-96802 पर कॉल कर सकते हैं. इन नंबरों पर सोमवार से शनिवार सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक डॉक्टर्स से बात की जा सकती है. इस सुविधा का लाभ सभी फ्रंट लाइन वर्कर्स को निशुल्क दिया जाएगा. शुरु में कॉल की स्क्रीनिंग करने के बाद सीनियर कंसल्टेंट को कॉल ट्रांसफर होगा. इसके बाद उन्हें टेलीफोन या वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए काउंसलिंग दी जाएगी.

यूआरडीए ने ट्वीट कर दी जानकारी

इस संबंध में यूनाइटेड रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (URDA)ने जानकारी दी कि डॉ. निमेश देसाई के साथ मिलकर टेली सर्विस की शुरुआत की जा रही है. इस सुविधा से डॉक्टर्स, मेडिकल वर्कर्स व अन्य फ्रंट लाइन वर्कर्स को बहुत मदद मिलेगी. इस सेवा के जरिए फ्रंटलाइन वर्कर्स कभी भी मदद के लिए कॉल कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: