Covid19: क्या डेक्सामेथासोन दवा से बचेगी लोगों की जान!

चीन के वुहान से निकले कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को ही संक्रमित कर दिया है. दुनिया भर के देश इससे निजात पाने और इससे पीड़ित को बचाने के लिए दवा की खोज करने में दिन-रात एक किए हुए हैं. भारत समेत कई देशों ने क्लीनिकल ट्रायल भी किया लेकिन अभी तक कोई खास सफलता नहीं हाथ लगी है.

उधर, ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने डेक्सामेथासोन स्टेरॉयड की खुराक 2,000 से अधिक कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों को दी है. इस दवा का इस्तेमाल उन मरीजों पर किया गया जो वेंटिलेटर पर थे और उन मरीजों की मृत्यु दर 35 फीसदी तक घट गई. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के मेडिसिन विभाग में उभरते संक्रामक रोग के प्रोफेसर पीटर हॉर्बी के मुताबिक, “डेक्सामेथासोन ऐसी पहली दवा है जिसके इस्तेमाल से कोविड-19 मरीजों में मृत्यु दर में कमी देखी गई. इस दवा के नतीजे बहुत उत्साहजनक हैं.” उनके मुताबिक,” डेक्सामेथासोन एक सस्ती दवा है, आसानी से उपलब्ध है और यह दुनिया भर में जान बचाने के लिए तत्काल इस्तेमाल की जा सकती है.”

ब्रिटेन के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मैट हैनकॉक का कहना है कि कोविड-19 के मरीजों को यह दवा जल्द देनी शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा, “यह एक अच्छी खबर है और मैं सरकार को इसके लिए बधाई देता हूं. उन मरीजों और अस्पतालों को भी आभार जताता हूं जिन्होंने इस परीक्षण में भाग लिया.”

बता दें कि दुनिया भर में 81,73,250 लोग अब तक कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं जबकि 4,43,671 लोगों की महामारी के चलते जान चली गई है. लातिन अमेरिका और एशिया में अब भी मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है.

रिसर्चर डेक्सामेथासोन दवा को कोविड-19 के मरीजों पर इस्तेमाल के बाद आए नतीजों को बड़ी कामयाबी बता रहे हैं. रिसर्च में शामिल एक और वैज्ञानिक मार्टिन लैंड्रे के मुताबिक, “यह नतीजे बताते हैं कि अगर मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और उन्हें वेंटिलेटर या ऑक्सीजन के सहारे रखा गया है और अगर उन्हें डेक्सामेथासोन की दवा दी जाती है तो जिदंगी बचाई जा सकती है. और यह उल्लेखनीय रूप से कम लागत पर ऐसा किया जा सकता है.”

हॉर्बी के मुताबिक डेक्सामेथासोन एक जेनरिक स्टेरॉयड है जिसका का आम तौर पर इस्तेमाल सूजन कम करने के लिए किया जाता है. हॉर्बी कहते हैं, “यह एकमात्र ऐसी दवा है जिसके इस्तेमाल से मृत्यु दर में कमी नजर आई है और यह काफी हद तक कम कर देती है.” हॉर्बी के मुताबिक यह एक बड़ी कामयाबी है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह पहली बार है जब किसी ऐसी दवा का पता चला है जो कोविड-19 मरीज की मृत्यु टालने में सक्षम है.

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