मरीज की जान से नहीं होने देंगे खिलवाड़, नर्सों ने आउटसोर्स के खिलाफ उठाई आवाज,

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण काल के बीच आज से नर्सों ने विरोध शुरु कर दिया है. सफदरजंग अस्पताल में नर्सों की आउटसोर्सिंग के मामले में नर्स एसोसिएशन अब सरकार के खिलाफ विरोध कर रही है. आउटसोर्सिंग की प्रक्रिया को गलत ठहराते हुए ये विरोध शुरु हुआ है.

कोरोना के बीच आउटसोर्सिंग पर नर्सों ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी

दरअसल अस्पताल में नर्सों की आउटसोर्सिंग किए जाने की बात चल रही है. दिल्ली नर्सेस यूनियन ने इस संबंध में शुक्रवार चार जून यानी आज से प्रदर्शन शुरु किया है. नर्सों के प्रदर्शन को ऑल इंडिया गवर्नमेंट नर्सेस फेडरेशन का भी समर्थन मिला है.

नहीं खत्म हो रही परेशानी, अब नर्सों ने की हड़ताल

इस संबंध में दिल्ली नर्सेस यूनियन की अध्यक्ष प्रेम रोज सूरी ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल में भर्ती के लिए आउटसोर्सिंग की जा रही है. सरकार को इससे पहले 2015 और 2017 में आउटसोर्स नहीं करने के लिए अग्रीमेंट भी आए थे. इसके बाद भी सरकार दोबारा आउटसोर्सिंग पर जोर दे रही है. हम इस फैसले के बिलकुल खिलाफ है.

एक्सट्रा घंटे ड्यूटी कर रहा नर्सिंग स्टाफ

उन्होंने कहा कि हम सरकार से इस परेशानी के लिए स्थायी समाधान की मांग कर रहे है. इससे पहले 2019 में भर्तियां हुई थी. ऐसे में अगर अभी सरकार को अतिरिक्त पदों पर नर्सों की आवश्यकता है तो आउटसोर्सिंग की जगह 2019 की वेटिंग की नर्सों को बुलाने का काम किया जाए.

ऑनड्यूटी नर्सिंग स्टाफ का सफाई कर्मचारियों ने किया ये हाल, देखें वीडियो

वहीं यूनियन की जनरल सेक्रेट्री जीके खुराना ने बताया कि आज से नर्सों ने काले बैज लगाकर काम करना शुरु किया है. हम प्रशासन को कुछ दिन का समय दे रहे हैं. आउटसोर्सिंग न की जाए तो हम अपना विरोध बंद कर देंगे. अगर कुछ दिनों में ऐसा नहीं होता है तो आने वाले दिनों में नर्सों को कार्य बहिष्कार के लिए मजबूर होना पड़ेगा. इसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन, अस्पताल एमएस की होगी. हमने उनसे मिलने को समय मांगा जो हमें अबतक नहीं मिला. इसलिए इस कदम को उठाना पड़ रहा है.

रेगुलर हो आउटसोर्स नहीं

यूनियन का कहना है कि सरकार को अगर नर्सों को नौकरी पर रखना है तो उन्हें आउटसोर्स क्यों कर रही है. सीधे भर्ती करनी चाहिए. आउटसोर्स करने से बीच में थर्ड पॉर्टी को शामिल करना सही नहीं है. यूनियन ने चेतावनी देते हुए कहा की अगर आउटसोर्स का निर्णय वापस नहीं लिया गया तो सफदरजंग अस्पताल की 1800 नर्सें जल्द ही आंदोलन करेंगी. अस्पताल में 330 कॉन्ट्रेक्ट नर्स भी है.

आउटसोर्स है जोखिम भरा

यूनियन का कहना है कि आउटसोर्स के जरिए किसी की भर्ती होने पर संबंधित कैंडिडेट पर भरोसा नहीं किया जा सकता. अस्पताल में ड्यूटी करने के लिए योग्य उम्मीदवारों की जरूरत होती है. ऐसे में आउटसोर्स के जरिए भर्ती कर किसी की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता. आउटसोर्स के जरिए आने वाली नर्स की कार्यक्षमता और दक्षता पर भरोसा नहीं किया जा सकता. ऐसे में मरीजों की जान पर भी जोखिम हो सकता है.

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