बच्चों को न दी जाए गर्मी की छुट्टियां, पैरेंट्स ने की केजरीवाल सरकार से मांग

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने स्कूलों को बंद करने की घोषणा की है. आगामी 9 जून तक दिल्ली में गर्मी की छुट्टियों की घोषणा की गई है. सरकार के इस फैसले के खिलाफ जागरूक पैरेंट्स असोसिएशन ने आवाज उठाई है.

इस संबंध में जागरूक पैरेंट्स असोसिएशन ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम एक पत्र लिखा है. इस पत्र में असोसिएशन ने सरकार के इस फैसले को गलत बताया है. असोसिएशन से जुड़े अभिभावकों का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए वर्तमान में सरकार ने दिल्ली में लॉकडाउन लगाया हुआ है. इस समय बच्चे घर से बाहर खेलने के लिए या समर वैकेशन कोर्स करने भी नहीं जा सकते.

बच्चों के लिए समर वैकेशन का सीधा मतलब होता है बाहर घूमना या किसी अन्य शहर घूमने जाना. मगर कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण अभी ऐसा संभव नहीं है. ऐसे में बच्चों को दी गई ये छुट्टियां बर्बाद हो जाएंगी. वहीं दूसरी तरफ बच्चे घर में रहकर कोई नई कला या एक्टीविटी में हिस्सा नहीं ले सकते हैं. ऐसे में ये दो महीने घर में बीना पढ़ाई और क्लास के बैठना बच्चों के लिए मानसिक और शारीरिक रुप से बेहद हानिकारक है.

गौरतलब है कि बच्चों की प्रवत्ति उत्सुक किस्म की होती है. उन्हें घूमना, दोस्तों के साथ खेलना, नई कलाएं सीखनें की उत्सुकता होती है. मगर कोविड काल में बच्चों की इन सभी एक्टीविटी पर ब्रेक लगा दिया है. ऐसे में कुछ समय व्यस्त रखने वाली क्लास को भी समर वैकेशन के नाम पर बंद करना बच्चों के साथ अन्नाय है.

इस मामले पर असोसिएशन के अध्यक्ष विरेंद्र सिंह ने The Depth News से बात करते हुए बताया कि सरकार को इस दिशा में एक बार फिर से विचार करना चाहिए. इस समय दो महीने की छुट्टियां बच्चों को प्रभावित कर सकती है. बच्चे क्रिएटीविटी की जगह खुद को अकेला महसूस करने लगेंगे. यहां तक की बच्चे डिप्रेशन का शिकार भी हो सकते हैं. सरकार को बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए अपने आदेश को वापस लेना चाहिए और ऑनलाइन क्लास दोबारा शुरु करनी चाहिए.

केजरीवाल ने सोमवार को किया छुट्टियों का एलान

दिल्ली में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार यानी 20 अप्रैल से ही छुट्टियों की घोषणा कर दी. कोरोना के मामले बढ़ने के कारण छुट्टियों को रिशेड्यूल किया गया. इससे पहले छुट्टियां 11 मई से शुरु होनी थी. मगर अब सरकार ने फैसला बदला है. हालांकि स्कूलों में सिर्फ बच्चों की छुट्टी हुई है. मगर प्रिंसिपल काम पड़ने पर अध्यापकों व अन्य स्टाफ को आदेश के अनुसार बुला सकते है.

किसी अध्यापक को स्कूल बुलाने से पहले कोविड 19 की गाइडलाइन का पालन किया जाए ये भी सुनिश्चित करना होगा. शिक्षा विभाग आगे भी इस संबंध में अधिसूचनाएं जारी करेगा. गौरतलब है कि स्कूलों में शैक्षणिक, प्रवेश आदि संबंधित कई काम होते हैं. इन कार्यों के लिए स्कूल में अवकाश के दौरान भी काम जारी रहता है.

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