नियमित हो शिक्षकों की भर्ती : योगेश जांगिड़

नई दिल्ली. राजस्थान सरकार के संविदा शिक्षक भर्ती किए जाने को लेकर युवाओं में रोष है. राज्य में कंप्यूटर शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर युवा लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं. इसी कड़ी में यूथ फॉर स्वराज ने कंप्यूटर शिक्षक भर्ती मामले में नियुक्ति को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है.

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छात्र युवा संगठन यूथ फॉर स्वराज की मानें तो राज्य सरकार संविदा भर्ती करना चाह रही है मगर युवा इसका विरोध कर रहे है. ऐसे में युवाओं ने मांग की है कि सरकार को संविदा भर्ती का फैसला वापस लेना चाहिए. सरकार युवाओं को नियमित रोजगार मुहैया कराने पर जोर दे.

ग्रांट जारी करने के लिए सरकार से गुहार

बता दें कि राजस्थान में करीब 15 हजार स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों के पद खाली पड़े है. इन स्कूलों में लंबे समय तक ठेके पर शिक्षकों को रखा गया. राज्य में कंप्यूटर शिक्षा की स्थिति कितनी खराब है उसका अंदाजा सरकार की नीति से पता चलता है. वहीं राज्य सरकार के ढीले तेवरों को देखते हुए हाई कोर्ट ने भी सरकार को नियमावली बनाने और कंप्यूटर शिक्षकों के खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द भरने के निर्देश जारी किए है.

हजारों शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ

वहीं इस मामले पर यूथ फॉर स्वराज राजस्थान के संयोजक योगेश जांगिड़ का कहना है कि सरकार संविदा भर्ती पर जोर दे रही है. संविदा भर्ती का विरोध तो खुद कांग्रेस की बड़ी नेता प्रियंका गांधी भी करती रही है. इसके बाद भी खुद राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपने आला कमान से कुछ सीख नहीं रही है. प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में संविदा पर शिक्षक भर्ती का खुलकर विरोध किया है.

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इसके बाद भी राजस्थान सरकार राज्य में लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों कर रही है? सरकार को ये साफ करना चाहिए कि उन्हें संविदा भर्ती करने पर इतना जोर क्यों दिया जा रहा है? इस मामले पर यूथ फॉर स्वराज एम्प्लॉयमेंट फ्रंट के संयोजक अंकित त्यागी ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति तो पढ़ी ही होगी जिसमें नियमित शिक्षक भर्ती की अनुशंसा की गई है.

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राज्य की शिक्षा व्यवस्था संविदा के सहारे नहीं चल सकती है. जबकि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में निजीकरण, ठेका प्रथा, संविदा आदि का विरोध कर रही है. मगर अपने राज्य में इस नीति को लागू करना उनकी कथनी और करनी में अंतर को दर्शाता है. अंकित त्यागी ने बताया कि CMIE के अनुसार आज राजस्थान बेरोजगारी दर में देश के टॉप 3 राज्यों में आता है. जहाँ देश में बेरोजगारी दर 10.6% है वहीं राजस्थान में 27.6 % है.

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उन्होंने कहा कि पढ़े लिखे युवा जिन्होनें स्नातक या उस से ज्यादा पढाई की है उनमें बेरोजगारी दर 54.3% के भयंकर स्तर पर है. महिलाओं में बेरोजगारी दर 69.2% है. ऐसे में संविदा की भर्ती निकालना जले पर नमक छिड़कने जैसा है.

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