बहाली के लिए ट्विटर पर Bihar Needs Teachers हुआ ट्रेंड

बिहार प्रारंभिक शिक्षक नियोजन 2019 को लेकर अभ्यर्थियों ने Bihar Needs Teachers आंदोलन ट्विटर पर चलाया. बिहार में दो साल से लंबित 94000 शिक्षकों की बहाली को लेकर सोमवार को अभ्यर्थियों का आक्रोश फूटा. इस ट्विटर ट्रेंड को कई बड़े नामों ने भी अपना समर्थन दिया. 23 जुलाई 2017 को जिसकी परीक्षा हुई वो अब तक शिक्षक नहीं बन पाए हैं. फिलहाल नियोजन फेडरेसन केस के कारण रुका हुआ है. अभ्यर्थियों के हजारों अपील के बाद भी सरकार मेंशनिंग नहीं कर रही है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक बिहार में शिक्षकों के लगभग 3 लाख 15 हजार 778 पोस्ट खाली पड़े हैं. बताया जा रहा है कि साल 2015 के बाद से अभी तक शिक्षकों की बहाली बिहार में नहीं की गई है. ऐसे में कैसे पढ़ेगा बिहार और कैसे आगे बढ़ेगा बिहार.

ट्विटर ट्रेंड की शुरूआत 11 बजे की गई थी. खबर लिखे जाने तक #Bihar_needs_Teachers के साथ 5 लाख ट्वीट्स हो चुके थे.

बिहार प्रारंभिक शिक्षक नियोजन के सौरव कुमार ने बताया कि ”बिहार की शिक्षा को बेहतर करने के लिए अच्छे शिक्षक की जरूरत है, बिना शिक्षक के शिक्षा कैसे बेहतर होगा. बिहार में कक्षा 1 से 12 तक शिक्षकों के स्वीकृत पद 7,28,937 हैं. बिहार में शिक्षक 4,13,159 कार्यरत हैं. इस प्रकार बिहार में रिक्त पद 3,15,778 है.

अभ्यर्थियों ने बताया कि बिहार के शिक्षा मंत्री ने विधानसभा सत्र के दौरान कहा था कि हम आप लोगों से ज्यादा चिंतित हैं. हम पांच अप्रैल को हर हाल में ब्लाइंड फेडरेशन का मेंशनिंग कराकर बहुत जल्द बहाली पूर्ण करेंगे, लेकिन अभी तक मेंशनिंग प्रक्रिया तप पूरी नहीं हुई है. इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार को हमारी कोई फिक्र नहीं है. सबसे ज्यादा रिक्त पद शिक्षकों के ही हैं, लेकिन बेहद शर्मनाक है कि 2015 के बाद अब तक शिक्षकों की बहाली नहीं की गई. बेरोजगार शिक्षक अभ्यर्थी रोजगार के लिए भटक रहे हैं.

युवा हल्ला बोल के अध्यक्ष अनुपम ने बताया कि बिहार में शिक्षक के लाखों पद खाली पड़े हैं. सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए थी इन पदों को भरना मगर ऐसा कभी नहीं रहा. सरकार ने 2014 के बाद से किसी शिक्षक को भर्ती नहीं किया है. इस साल शिक्षक नियोजन के तहत छठे चरण में 94 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी पूरी की गई. मगर बहाली होने से चंद पहले ये प्रक्रिया अटक गई. अबतक इन शिक्षकों की बहाली नहीं हुई है. यही कारण रहा कि #Bihar_Need_Teacher को ट्वीटर पर ट्रेंड करना पड़ा.

इससे पहले शिक्षक अभ्यार्थी फरवरी में पटना में प्रदर्शन करने गए थे जहां सरकार ने उनपर लाठियां बरसाई थी. सरकार की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बहाली का इंतजार कर रहे शिक्षकों पर लाठियां बरसाई जाए. प्रदर्शन के बाद सरकार ने आश्वासन दिया था कि एक हफ्ते में सभी शिक्षकों को बहाल कर दिया जाएगा मगर फरवरी से अबतक सरकार का एक हफ्ता पूरा नहीं हुआ है. सरकार के ऐसे व्यवहार के कारण प्रदेशभर के शिक्षकों में भारी आक्रोश है. अगर सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं लेगी तो हल्ला बोल की अगली महापंचायत का आयोजन पटना में किया जाएगा. 

बिहार शिक्षक संगठनों ने इस मांग को लेकर ट्वीटर पर हल्ला बोला. साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई वाली बिहार सरकार ने मांग की कि जल्द से जल्द इन पोस्टों को भरा जाए. जिससे बच्चों को शिक्षा और बेरोजगारों को रोजगार मिल सके.

The Depth

TheDepth is India's own unbiased digital news website.

%d bloggers like this: