विजय कुमार चौधरी ने कोर्ट पर फोड़ा नियुक्ति नहीं होने का ठिकरा

नई दिल्ली. बिहार में शिक्षकों की कमी है. इस मुद्दे को लेकर बिहार में सियासत जोरों पर है. शिक्षकों की कमी को देखते हुए इन दिनों ट्वीटर पर युवा आवाज उठा रहे है. इसी बीच बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने एक बयान दिया है. इस बयान के बाद शिक्षक आस लेकर बैठे है.

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दरअसल शिक्षा मंत्री का कहना है कि सरकार पटना हाईकोर्ट से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही है. मंजूरी मिलने के बाद प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में एक लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया सरकार पूरी कर देगी.

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उन्होंने मीडिया से कहा कि दरअसल सरकार भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का इंतजार कर रही है. हाईकोर्ट के दखल के बाद भर्ती प्रक्रिया को रोका गया था. हालांकि सरकार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरु करने के लिए प्रतिबद्ध है. जैसे ही मामला पर कोर्ट के आदेश आएंगे हम 15 दिनों में भर्ती प्रक्रिया खत्म कर देंगे.

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उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए पूरी कोशिशों में जुटी हुई है. सरकार ने कोर्ट से आग्रह भी किया है कि दिव्यांगों के चार प्रतिशत सीटों को छोड़कर 96 प्रतिशत सीटों पर नियुक्ति करने की अनुमति दे. शिक्षकों की नियुक्ति का मामला लंबे समय से अटका हुआ है.

कोर्ट में है ये मामला

दरअसल बीते साल योग्य उम्मीदवारों के लिए विज्ञापन निकाला गया था. इसके तहत बड़ी संख्या में आवेदन मिले थे. मगर दिव्यांगों के लिए आरक्षण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नियुक्तियों पर रोक लगा दी थी.

बिहार प्रारंभिक शिक्षक नियोजन के पदाधिकारियों का कहना है कि अगर सरकार 3 जून तक ब्लाइंड फेडरेसन केस में आगे की तारीख लेती है तो युवा शिक्षक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे. अगर ये प्रदर्शन होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.

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