सोशल मीडिया पर बवाल के बाद सुलझा मामला, DMCH विभागाध्यक्ष का इस्तीफा नहीं हुआ कबूल

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण काल मे प्रशासन और सरकार चाहे कितने ही सफलता के दावे कर ले. मगर ग्राउंड लेवल पर काम कर रहे डॉक्टर ही इनसे परेशान होकर इनके दावों की पोल खोल देते हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार 7 मई को डीएमसीएच के मेडेसिन विभाग के अध्यक्ष ने प्राचार्य को पत्र लिख उन्हें विभागाध्यक्ष पद से मुक्त करने की मांग की. सोशल मीडिया पर ये पत्र वायरल हो गया जिसपर खूब बवाल हुआ. हालांकि अब ये मामले सुलझ गया है.

इस संबंध में हमने बात की मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. यूसी झा से तो उन्होंने बताया कि पहले मैंने कुछ परेशानियों के मद्देनजर रिजाइन किया था. मगर मेरा रेजिग्नेशन स्वीकार नहीं किया गया. अब ये पूरा मामला सुलझ गया है. वहीं इस मामले पर दरभंगा डीएम कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया की डॉ. यूसी झा ने भावुकता में पत्र लिखा था. हालांकि अस्पताल में कुछ मिनटों के लिए ऑक्सीजन की कमी हुई थी मगर उपविकास आयुक्त द्वारा ऑक्सीजन उपलब्ध करा दी गई थी. अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाईयां और ऑक्सीजन उपलब्ध है.

ये है मामला

दरअसल मेडिसिन विभागाध्यक्ष ड़ॉ यूसी झा ने डीएमसी प्राचार्य को संबोधित एक पत्र में पद से मुक्त करने की मांग की थी. उन्होंने बताया था कि अस्पताल में ऑक्सीजन के लिए हाहाकार मचा है. ऐसे में मरीजों की मौत की चिंता उन्हें परेशान किए हुए है. उन्होंने लिखा कि इसकी जानकारी अस्पताल अधीक्षक, प्राचार्य, डीएम और विभाग के अधिकारियों को दी गई. मगर बहुत कोशिशों के बाद उप विकास आयुक्त की मदद से ऑक्सीजन का प्रबंध हो सका और मरीजों की जान बच सकी.

इस पत्र में उन्होंने लिखा की ऑक्सीजन की मांग बहुत हो रही है जबकि इसकी आपूर्ति के लिए परेशानियां उठानी पड़ रही हैं. डॉक्टर संबंधित अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं मगर इसका कुछ असर होता नहीं दिख रहा. मरीजों को उच्च कोटि का इलाज देने के लिए सभी डॉक्टर अपना 100% दे रहे हैं. इसके बाद भी जब कोई कुव्यवस्था सामने आती है तो स्पष्टीकरण डॉक्टर से मांगा जाता है.

उन्होंने साफतौर पर कहा कि ऑक्सीजन व अन्य सुविधाओं की व्यवस्था करना अधीक्षक, प्राचार्य और स्वास्थ्य विभाग का काम है. ये काम मेडिसिन विभागाध्यक्ष या डॉक्टरों का नहीं है. इस व्यवहार से दुखी होकर ही डॉ.यूसी झा ने उन्हें पद से मुक्त करने का आग्रह किया था.

उनका ये पत्र सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. हर तरफ इस पत्र में लिखी बातों की चर्चा हो रही है. इस पत्र से साफ जाहिर होता है कि अस्पतालों में किस तरह कुव्यवस्थाएं हैं. अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण विभागाध्यक्ष ने इस्तीफा दिया था. बता दें कि जिलाधिकारी ने भी इस मामले पर विभागाध्यक्ष से स्पष्टीकरण भी मांगा था.

रिजाइन मंगल पाण्डे भी हुआ ट्रेंड

इस मामले के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे से लोगों ने इस्तीफा मांगना शुरु कर दिया. इस संबंध में तेजस्वी यादव में ट्वीट कर कहा कि क्या नीतिश कुमार की सरकार कब जागेगी? पहले एनएमसीएच के डॉक्टर और अब दरभंगा के डॉक्टर ने कुव्यवस्था के कारण इस्तीफा देने की पेशकश की है. हमारे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने आपदा बना दिया है. उन्हें तत्काल बर्खास्त करना चाहिए.

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