बदल रहा भोजपुरी सिनेमा का स्वरुप : PowerStar संजीव मिश्रा

समय के साथ जो बदलता है वही आगे बढ़ता है. ये ही सफलता का मूल मंत्र भी है. चाहे बात जीवन की हो या किसी अन्य फील्ड की. जो समय के साथ नहीं बदलता समय उसे भूल जाता है. कुछ समय बाद मोबाइल भी पुराना हो जाता है, जिसे अपडेट करने की जरुरत होती है. यानी समय के साथ बदलाव की जरुरत होती ही है.

यही हाल इन दिनों भोजपुरी सिनेमा का भी है. किसी समय में फूहड़ता की पहचान बना भोजपुरी सिनेमा आज के समय में अपनी पहचान में बदलाव ला रहा है. इस संबंध में The Depth News से Exclusive बात की भोजपुरी स्टार PowerStar संजीव मिश्रा ने. बातचीत में उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में आए नए और अच्छे दिनों के बारे में विस्तार से बताया.

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PowerStar संजीव मिश्रा ने कहा कि भोजपुरी सिनेमा अब अपनी नई पहचान बना रहा है. यहां का सिनेमा अभी परिपक्व नहीं हुआ है. मगर आने वाले समय में यहां कई संभावनाएं हैं और ये अपनी नई पहचान बनाने में भी कामयाब होगा. किसी जमाने में फूहड़ता के लिए पहचाने जाने वाले भोजपूरी सिनेमा की पहचान आने वाले दिनों में जरुर बदलेगी. अब यहां काम कर रहे लोगों की सोच में भी बदलाव आया है.

अब भोजपुरी सिनेमा में भी पढ़े लिखे लोग आने लगे हैं. भोजपुरी सिनेमा को देखने का नजरिया भी अब बदलने लगा है. पहले जहां लोग बिना किसी ट्रेनिंग के भोजपुरी सिनेमा में आ जाते थे. अब यहां का माहौल काफी हद तक बदलने लगा है.

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समय के साथ-साथ बदलने और बेहतर करने की गुंजाइश हर किसी में होती है. चाहे वो व्यक्ति हो या फिर फिल्म इंडस्ट्री. अगर बॉलिवुड की बात करें तो बालिवुड भी समय के साथ साथ बदला है तभी आज इस मुकाम पर पहुंचा है. उसी तरह से भोजपुरी इंडस्ट्री में भी अब बदलाव आने लगा है. अब टेक्नीशियन पहले से अधिक चीजों को समझने लगे हैं. पहले की अपेक्षा अब पता होता है कि हमें क्या पेश करना है.

अब ऑडियंस भी अपनी अलग मांग करती है. आज की ऑडियंस भी इंटरनेट इस्तेमाल करने वाली और मॉडर्न है. इन्हें कुछ भी दिखा कर बुद्धू नहीं बनाया जा सकता है. इसलिए अब इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए भोजपुरी सिनेमा धीरे-धीरे बदल रहा है. पहले होता था कि किसी शब्द के दो अर्थ निकल रहे हैं तो उन्हें जरुर शामिल किया जाता था. चाहे फिल्म में डायलोग हो या फिर सिंगर्स के द्वारा गाया जाने वाला गाना. सब इन्हें शामिल करते थे ताकि लोगों का आकर्षण पा सके. मगर अब ऑडियंस भी बदलने लगी है. तो धीरे-धीरे यहां जमीनी स्तर पर भी बदलाव निश्चित रुप से आएंगे.

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समय के साथ जैसे मनोज तिवारी मृदुल, निरहुआ ने अपनी नई छवि बनाई है और बिहार व भोजपुरी सिनेमा को नेशनल लेवल पर लेकर गए हैं वैसे ही पूरा भोजपूरी फिल्म इंडस्ट्री भी एक दिन बदलाव के साथ नजर आएगा.

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