जूनियर डॉक्टरों को किया जाए प्रमोट, नीट पीजी स्थगित होने के बाद एसोसिएशन ने उठाई मांग

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण काल में पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक में नीट पीजी परीक्षा को चार महीने के लिए स्थगित करने का निर्णय हुआ है. इस निर्णय के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स ओसोसिएशन ट्रस्ट ने मांग की है कि जूनियर डॉक्टर्स को सीनियर डॉक्टर के पद पर प्रमोट किया जाए.

दरअसल एग्जाम होने से जूनियर डॉक्टर सीनियर डॉक्टर बन जाते. वहीं जिन डॉक्टरों का एग्जाम क्लीयर नहीं होता उन्हें 6 महीने का समय मिलता जब वो दोबारा एग्जाम में अपीयर हो सकते हैं. मगर सरकार ने जब इस बार नीट पीजी एग्जाम को 4 महीनों के लिए स्थगित किया है तो इससे सबसे अधिक नुकसान जूनियर डॉक्टरों का हो रहा है.

एक्सपीरियंस में किया जाए शामिल

इस संबंध में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने डायरेक्टर जनरल मेडिकल एजुकेशन को पत्र लिखा है. इस पत्र में मांग की गई है कि जो भी जूनियर डॉक्टर हैं जिन्हें यूनिवर्सिटी एग्जाम देना था उन्हें एग्जाम न होने तक सीनियर रेजिडेंट के पद पर प्रमोट किया जाए. वहीं जो 6 महीने जूनियर रेजिडेंट के बीतेंगे उसे एक्सपीरियंस में भी शामिल किया जाए.

उत्तर प्रदेश में बॉन्ड की सीमा में एक्सटेंशन हो शामिल

डॉ. विनय ने बताया कि उत्तरप्रदेश से पीजी करने वाले डॉक्टरों को 2 साल के लिए ग्रामीण इलाके में ड्यूटी करना पड़ती है. इसके बाद ही उन्हें एमडी या एमएस की डिग्री दी जाती है. मगर मौजूदा हालातों को देखते हुए इस बॉन्ड को 1.5 साल का किया जाए क्योंकि जूनियर डॉक्टरों के एग्जाम कोविड 9 के कारण उत्तपन्न हुई परिस्थितियों के कारण सरकार ने स्थगित किए हैं. इसमें डॉक्टरों का कोई दोष नहीं है. डॉक्टरों का अतिरिक्त 6 महीने का समय बर्बाद नहीं होना चाहिए.

ट्वीटर के जरिए भी उठाई मांग

इस मांग के संबंध में आरडीए यूपी ने ट्वीट भी किया है. डॉक्टरों का कहना है कि नीट पीजी एग्जाम लेना सरकार का काम है. अगर किन्हीं कारणों से इसे नहीं लिया जा रहा है तो इसका असर डॉक्टरों के एक्सपीरियंस पर नहीं पड़ना चाहिए.

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