कोरोना के काल में समाए ये शिक्षक

नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बीते साल भर से पूरा भारत परेशान है. कोरोना संक्रमण के काल का ग्रास बहुत लोग बन चुके हैं. इसने बिना जात पात देखे व्यक्ति को अपना शिकार बनाया. इस कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कोरोना काल में ड्यूटी करने वाले भी कई डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ समेत टीचर्स की भी मौत हुई.

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दरअसल टीचर्स की भी समय समय पर अलग अलग जगह ड्यूटी लगाई जा रही है. कभी वो एयरपोर्ट पर ड्यूटी कर रहे हैं तो कभी मुर्दा घर के बाहर. ऐसे में लगातार ड्यूटी करते हुए शिक्षक भी संक्रमण का शिकार हुए. कई शिक्षकों की अबतक कोविड संक्रमण के कारण जान तक जा चुकी है.

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दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम के स्कूलों में कार्यरत लगभग 35 शिक्षकों की जान बीते तीन महीने में चली गई है. अधिकांश शिक्षक ड्यूटी के दौरान कोविड संक्रमण का शिकार हुए थे. सूत्रों से मिले आंकड़ों के मुताबिक उत्तरी निगम के 10, पूर्वी निगम के 9, दक्षिणी निगम के 6 और दिल्ली सरकार के 10 शिक्षकों की जान कोरोना संक्रमण के कारण गई.

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हालांकि सरकार और निगम इतने संवेदनहीन होकर बैठे हैं कि न ही इन शिक्षकों के परिवारों को मुआवजे के तौर पर कुछ दिया गया और न ही इनसे किसी ने मुलाकात ही की है. सरकार के ऐसे व्यवहार के बाद शिक्षकों में भी रोष है. शिक्षक संगठनों का कहना है कि सरकार शिक्षकों को इंसान भी नहीं समझती. इसलिए उनकी ड्यूटी लॉकडाउन हो या कोरोना काल सब में लगा दी जाती है.

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इस संबंध में नगर निगम शिक्षक संघ की वरिष्ठ उप प्रधान विभा सिंह ने बताया कि सरकार हो या निगम शिक्षकों की ड्यूटी तो लग ही रही है. लॉकडाउन में शिक्षक एक दिन भी छुट्टी लेकर अपने घर नहीं बैठे. अपनी और अपने परिवार की जान की परवाह न करते हुए भी शिक्षकों ने ड्यूटी ज्वाइन की. एयरपोर्ट पर ड्यूटी करके आए शिक्षकों को अगले दिन ही नई ड्यूटी पर भेजा गया. शिक्षकों को रेस्ट नहीं मिल रहा और न ही किसी तरह का रोटेशन अपनाया जा रहा है.

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ऐसे लगातार ड्यूटी देकर शिक्षक मानसिक रुप से प्रताड़ित हो रहे हैं. शिक्षक अपना कर्तव्य निभा रहे है और ड्यूटी दे रहे हैं. मगर सरकार ने शिक्षकों के लिए बेड तक रिजर्व नही किए. अगर ड्यूटी करते हुए शिक्षक संक्रमित हो जाए तो उन्हें बेड की सुविधा भी नहीं मिल रही है. इतना ही नहीं उनके परिवार वाले भी इन दिनों डर के साए में जीने को मजबूर हैं. सरकार समय पर वेतन तक जारी करने के हालात में नहीं है.

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